पेशावर: पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी की हत्या का बदला लेने के लिए सामूहिक सजा के तौर पर दक्षिण वजीरिस्तान स्थित एक बाजार को सेना ने डायनामाइट से उड़ा दिया। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है।
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राजनीतिक एजेंट जफरूल इस्लाम खटक ने बताया कि दक्षिण वजीरिस्तान के मुख्यालय वाना में स्थित रूस्तम बाजार को स्थानीय कानूनों के तहत तबाह किया गया। खटक ने बताया कि सीमांत अपराध नियमन (एफसीआर) के सामूहिक एवं क्षेत्रीय जिम्मेदारी संबंधी प्रावधानों के तहत कल यह कार्रवाई की गई।
पहले से ही मौजूद स्थानीय कानूनों और परंपराओं के आधार पर ब्रिटिश उपनिवेशवादियों ने एफसीआर लागू किया था। स्थानीय पख्तून आबादी को अनुशासित करने के मकसद से अंग्रेजों ने यह कदम उठाया था। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मेजर इमरान मंगलवार को एक तलाशी अभियान के दौरान बाजार में हुए धमाके में मारे गए थे। इस घटना में 10 अन्य जख्मी भी हो गए थे।
इसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने वाना बाजार में कर्फ्यू लगा दिया था जिससे 6,000 से ज्यादा दुकानों पर ताला लटकाना पड़ा था। बाजार के मालिक अली वजीर ने बाजार को तबाह करने की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में तो हर जगह धमाके होते रहते हैं, लेकिन अंग्रेजों के जमाने में बने कानून का इस्तेमाल कर उनके समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाया जाता है।
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