इस्लामाबाद: पश्चिमी एशिया में इस्लामिक स्टेट को कुचलने के मकसद से महासैन्य गठबंधन का हिस्सा बनने के लिए अमेरिका की ओर से डाले जा रहे दबाव की खबरों के बीच पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि वह क्षेत्र से बाहर किसी भी अभियान के लिए सैनिक नहीं भेजेगी।
सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल आसिम सलीम बाजवा ने कहा, हमने पहले ही अफगान सीमा पर 1,82,000 सैनिक तैनात किए हुए हैं। हम अपने क्षेत्र से बाहर किसी भी तरह की सहभागिता के बारे में नहीं सोच रहे। अमेरिका आईएसआईएस (अरबी में दाएश) के खिलाफ एक गठबंधन खड़ा करने की दिशा में काम कर रहा है। आईएसआईएस ने इराक और सीरिया में सैंकड़ों वर्गमील जमीन कब्जा ली है।
बाजवा ने डॉन के हवाले से कहा, दाएश एक वैश्विक खतरा है, जिसका केंद्र पश्चिमी एशिया में है। इसपर वैश्विक प्रतिक्रिया की जरूरत है। उन्होंने कहा, सौभाग्य से, दाएश के समर्थक एक ऐसे समय पर पाकिस्तान आए, जब लोग चरमपंथियों से तंग आ चुके थे। इसलिए इस परिकल्पना को पाकिस्तान में पूरी तरह नकार दिया गया।
बाजवा सैन्य प्रमुख जनरल राहील शरीफ के नेतृत्व वाले उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जो 15 नवंबर से 20 नवंबर तक अमेरिका की यात्रा पर गया था। इस साल की शुरुआत में, पाकिस्तान ने यमन में युद्ध लड़ने के लिए सउदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन को सैनिक उपलब्ध करवाने से इंकार कर दिया था।
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