इस्लामाब: पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नसीर जंजुआ ने भारत पर आरोप लगाया है कि भारत द्विपक्षीय भावना का उल्लंघन कर कश्मीर मुद्दे को लेकर वार्ता से इनकार कर रहा है जबकि उन्होंने यह उम्मीद जतायी कि भारत और पाकिस्तान हमेशा दुश्मन नहीं बने रह सकते हैं और दोनों पड़ोसी मुल्कों को परस्पर संवाद एवं अपने विवादों को सुलझाने की आवश्यकता है। जंजुआ की यह टिप्पणी पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाये जाने के चलते भारत-पाक तनावों में इजाफा होने की पृष्ठभूमि में सामने आयी है। भारत ने पाकिस्तान को यह चेतावनी दी है कि अगर जाधव को फांसी पर लटकाया गया तो इसका परिणाम द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा।
पाकिस्तान के एनएसए ने दावा किया कि भारत को लेकर अपने सामरिक हितों के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर मुद्दे को देख रहा है। कनाडा के उच्चायुक्त पेरी कैल्डरवुड से कल बातचीत के दौरान जंजुआ ने कहा, भारत कश्मीर को एक द्विपक्षीय मुद्दा मानता है जबकि वह द्विपक्षीय भावना का उल्लंघन कर इस मुद्दे पर बातचीत करने से कतराता है। कश्मीर में हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, कट्टरपंथी सोच को सिर्फ बल प्रयोग से नहीं बल्कि धारणा में बदलाव, लोगों के दिलो दिमाग को जीतकर ही कम किया जा सकता है। पाकिस्तान के सरकारी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) ने जंजुआ के हवाले से कहा, हमें परस्पर संवाद और विवादों को सुलझाना चाहिए।
भारत-पाक संबंधों में तनाव के बीच उन्होंने कहा, पाकिस्तान और भारत हमेशा दुश्मन नहीं बने रह सकते हैं। जंजुआ और कैल्डरवुड ने क्षेत्रीय सक्रियता एवं द्विपक्षीय संबंधों, आतंकवाद खत्म करने में पाकिस्तान की भूमिका, आतंकवाद-रोधी सहयोग, राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) और अमेरिकी मध्यस्थता की पेशकश के संदर्भ में पाकिस्तान-भारत संबंधों पर चर्चा की। जंजुआ ने परमाणु आपूर्ति समूह :एनएसजी: में पाकिस्तान की सदस्यता पर विचार करने के दौरान भेदभाव रहित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
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