वाशिंगटन: पाकिस्तान ने विश्व बैंक से पाकिस्तान-भारत जल विवाद पर मध्यस्थता करने का आग्रह किया है। इस बीच सोमवार को विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने वित्त मंत्री इशाक़ डार को बुलाकर इस मसले पर चर्चा की।
आफको बता दें कि किशन गंगा और रातले में भारत द्वारा बनाए जा रहे दो पनबिजली संयंत्रों को लेकर दोनों देशों में विवाद हो गया है।
डॉन न्यूज़ के अनुसार 23 दिसंबर को किम को लिखे पत्र में डार ने कहा है कि मध्यस्थता में देरी से सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हित और अधिकार प्रभावित होंगे। पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान अभी भी मामला सुलझाने के लिए मध्यस्थता के अपने आग्र पर कायम है क्योंकि इसमें पहले ही काफी देर हो चुकी है।
पाकिस्तान का मानना है कि मध्यस्थता में और देरी से पाकिस्तान के हितों को नुकसान होगा क्योंकि भारत तेज़ी से संयंत्र बनाने का काम कर रहा है और इनके पूरे होने के बाद कोई बदलाव संभव नही हो सकेगा।
1960 में हुए सिंधु जल संधि के अनुसार भारत का जहां व्यास, रवि और सतलज नदियों पर नियंत्रण है वहीं सिंधु, चेनाब और झेलम पर नियंत्रण पाकिस्तान का है। संधि के तहत विवाद की स्थिति में विश्व बैंक मध्यस्थता कर सकता है।
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