इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर भारतीय सेना की चिंताओं को आज खारिज कर दिया और गतिविधियों की सूचना पर भारत से सबूत साझा करने के लिए कहा। सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल एके भाटिया ने आज अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात की और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर भारत की चिंता जाहिर की।
कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र में सुरक्षाबलों और एक घर में छिपे आतंकवादियों के बीच जारी मुठभेड़ के बीच यह बातचीत हुई। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर संपर्क की पुष्टि की। गफूर ने ट्वीट किया, हॉटलाइन (कॉल) के दौरान नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर भारत की चिंता को दृढ़ता से खारिज कर दिया गया। भारतीय सेना को अपने भीतर झांकने, सबूत साझा करने को कहा गया।
भारतीय सेना के सूत्रों ने इससे पहले कहा था, डीजीएमओ ने पाकिस्तानी डीजीएमओ से आज सुबह बात की। उन्होंने नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर चिंता जाहिर की। पाकिस्तानी डीजीएमओ को उरी में पकड़े गये दो पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजे जाने के बारे में भी सूचित किया गया। सूत्रों ने कहा, दोनों पाकिस्तानी नागरिकों को 10 मार्च को वाघा सीमा के जरिये उनके देश भेज दिया जाएगा। एनआईए ने पिछले वर्ष उरी में एक सैन्य शिविर पर हुये आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार दो पाकिस्तानी युवकों को कल सेना को सौंपा था।
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