इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने सद्भावना दर्शाते हुए अफगानिस्तान के 252 नागरिकों को स्वदेश भेजा है, जबकि आतंकवादी हमलों के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से अफगानिस्तान के साथ अपनी सीमा को उसने लगातार नौवें दिन भी बंद कर रखा है। एक पाकिस्तानी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को स्वदेश लौटे अफगानी नागरिकों ने दोनों देशों के बीच तोरखम सीमा सुरक्षा चौकी पर एक सप्ताह का समय खुले आसमान के नीचे बिताया, जो लगभग 10 दिनों से बंद है।
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सिंध प्रांत के सेहवान कस्बे में शहबाज कलंदर दरगाह पर 15 फरवरी को भीषण आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा चिंता के मद्देनजर, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से लगे तोरखम व चमन सीमा चौकियों को बंद कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार ठप है। हमले में 88 लोग मारे गए थे। पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें पैदल सीमा पार करने दिया जा रहा है। पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत उमर जखीलवाल ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के बीच सीमा शनिवार को आंशिक तौर पर फिर से खोली जाएगी। जखीलवाल ने कहा है कि अफगानिस्तान के अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी तीन-चार दिनों के भीतर यात्रा मार्गो को पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, मरीज तथा बच्चे शनिवार को यात्रा करेंगे और जो लोग पाकिस्तान में हैं, वे अफगानिस्तान लौटने में सक्षम होंगे। उन्होंने अफगानी लोगों से अनुरोध किया है कि जब यात्रा मार्ग एक बार पूरी तरह खुल जाए, तो वे वीजा सहित समस्त दस्तावेजों के साथ यात्रा करें। पाकिस्तान ने हमले का आरोप अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादियों पर लगाया है। पाकिस्तान में हालिया आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान के जमात-उल-अहरार समूह ने ली है। बीते 10 दिनों तक मार्गो के बंद रहने के बाद भी पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं का सिलसिला जारी है।
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