इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार कहा कि अफगानिस्तान को तालिबान के साथ शांति एवं सुलह के लिए एक एकीकृत और अनुकूल संदेश देना चाहिए। इसने इस अवधारणा को खारिज कर दिया कि इस्लामाबाद का आतंकवादी संगठन पर वास्तव में नियंत्रण है।
पाक प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पाक-अफगान वार्ता के पांचवें दौर को संबोधित करते हुए कहा, हमारा मानना है कि तालिबान के साथ शांति एवं सुलह के पक्ष में एक अधिक एकीकृत और अनुकूल संदेश दिए जाने की जरूरत है। वार्ता का आयोजन रीजनल पीस इंस्टीट्यूट थिंक टैंक द्वारा आयोजित किया गया है।
अफगानिस्तान में शांति को लेकर चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में लंबी राजनीतिक अस्थिरता ने 9:11 के बाद विदेशी मध्यस्थता के लिए एक उर्वर भूमि पैदा की है जबकि विभिन्न आतंकी संगठन देश के विभिन्न हिस्सों में वर्चस्व स्थापित कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2015 में मुल्ला उमर की मौत की घोषणा ने न सिर्फ अफगान शांति प्रक्रिया की घोषणा को अटकाया बल्कि इसने तालिबान के भी टुकड़े किए।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के बारे में अफगान से उपजे नकारात्मक बयान के रचनात्मक द्विपक्षीय वार्ता को बाधित करने की प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि निहित स्वार्थ अक्सर ही यह विचार पैदा करने की कोशिश करते हैं कि तालिबान पर वास्तव में पाकिस्तान का नियंत्रण है। उन्होंने पाकिस्तान में 30 लाख अफगान शरणार्थियों की मौजूदगी और एक दूसरे की ओर जाने के लिए सुलभ सीमा को पाक-अफगान संबंधों में बड़ी चुनौती बताया।
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