लाहौर: अब पाकिस्तान में गुरु ग्रंथ साहिब की छपाई होगी। दरअसल देश में सिखों की तीर्थयात्राओं के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकने के लिए पाकिस्तान ने इस पवित्र धार्मिक ग्रंथ की छपाई करने का जिम्मा उठाया है।
इस इस्लामी राष्ट्र में अल्पसंख्यकों के पवित्र स्थानों की देखभाल करने वाले शीर्ष निकाय इवैक्यूई ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड के अध्यक्ष सिद्दिकुल फारुक ने कहा,'गुरु ग्रंथ साहिब को किसी भी तरह की बेअदबी से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। सिख तीर्थयात्री अपने साथ धार्मिक ग्रंथ को भी लाते हैं और इसे सीमा पर कई सुरक्षा जांचों से गुजरना पड़ता है। हमने इस पवित्र ग्रंथ को बेअदबी से बचाने के लिए और सिख समुदाय की सेवा के लिए इस धार्मिक ग्रंथ की छपाई का फैसला किया है।'
फारुक ने बताया कि भारत की शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) और दिल्ली गुरद्वारा प्रबंधन समिति इसकी छपाई का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सरकार लाहौर से लगभग 80 किमी की दूरी पर स्थित बाबा गुरु नानक देव की जन्म स्थली ननकाना साहिब के पवित्र कुएं से निकाले गए अमृत जल के निर्यात पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अमृत जल का भारत और अन्य देशों में निर्यात करने की तैयारी की है।
फारुक ने कहा, 'यात्रियों को हर तरह की सुविधा दी जाएगी। मैं खुद हिंदू और सिख तीर्थस्थलों का इंतजाम देख रहा हूं। इन दोनों ही धर्मों के तीर्थयात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है और ईटीपीबी ने इनकी संख्या में और इजाफा करने के लिए ट्रैवल प्रमोटर्स के रजिस्ट्रेशन का भी फैसला किया है।' उन्होंने कहा कि 70 साल से उपेक्षित नानकाना साहिब का पवित्र कुएं का पुनरुद्धार किया जा रहा है और इसके अलावा देश के सारे गुरुद्वारों और मंदिरों की देखरेख की जा रही है।
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