तोक्यो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान अपने जापानी समकक्ष शिंजो अबे के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता से पहले जापान के सम्राट अकिहितो से आज बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, एक दुर्लभ बातचीत जो भारत एवं जापान के बीच गर्मजोशी भरे अनूठे संबंधों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के महामहिम सम्राट अकिहितो का अभिवादन किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, सभ्यता की बात की गई।
प्रधानमंत्री मोदी और सम्राट अकिहितो ने भारत एवं जापान के संबंधों एवं एशिया के भविष्य पर बातचीत की। यह बातचीत मोदी और अबे के बीच व्यापक मुद्दों पर चर्चा से पहले की गई जिसका लक्ष्य द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को प्रोत्साहित करना था। सूत्रों ने बताया कि वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्ष करीब 12 समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर होने की भी बहुत संभावनाएं हैं।
पिछले दिसंबर में अबे की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने इस बारे में व्यापक सहमति बनायी थी लेकिन अंतिम करार पर हस्ताक्षर नहीं किया जा सका था क्योंकि कुछ तकनीकी और कानूनी पहलुओं को सुलझाया जाना बाकी था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पिछले सप्ताह कहा था कि दोनों देशों ने करार के मसौदे के जुड़े कानूनी एवं तकनीकी पहलुओं समेत आंतरिक प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है।
भारत और जापान के बीच परमाणु करार के विषय पर बातचीत कई वर्षों से जारी है लेकिन इसके बारे में प्रगति रूकी हुई थी क्योंकि फुकुशिमा परमाणु ऊर्जा संयंत्र में 2011 में दुर्घटना के बाद जापान में राजनीतिक प्रतिरोध की स्थिति थी।
जापान दुनिया का एकमात्र देश है जिस पर परमाणु बम गिराया गया है और वह परमाणु मुद्दे को लेकर काफी संवेदनशील है और भारत के साथ परमाणु करार इस दिशा में महत्वपूर्ण है क्योंकि वह परमाणु अप्रसार संधि :एनपीटी: का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी जिसमें विशेष तौर पर भारत, पाकिस्तान के संदर्भ में सीमापार से आतंकवाद का मुद्दा भी उठने की उम्मीद है।
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