काबुल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग समेत कई मामलों पर चर्चा करने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से आज मुलाकात की। मोदी ने तड़के मास्को से यहां पहुंचने के तत्काल बाद गनी से मुलाकात की। उनका राजकीय स्वागत किया गया जिसके बाद गनी ने राष्ट्रपति भवन में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, मित्रों की एक बैठक...बैठक की शुरूआत से पहले राष्ट्रपति अशरफ गनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, एक मित्र का आलिंगन, एक सच्चे साझीदार की ताकत। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने काबुल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया।
मोदी का यहां पहुंचने पर अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद हनीफ अतमार और उप विदेश मंत्री हेकमत करजई ने स्वागत किया। स्वरूप ने ट्वीट किया, रूस से अफगानिस्तान की ओर रवानगी। भोर से पहले काबुल आगमन के बाद एक अन्य दोस्त के साथ वार्ता का एक और दिन। मोदी मुख्य कार्यकारी अधिकारी :सीईओ: अब्दुल्ला अब्दुल्ला और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई समेत अफगानिस्तान के अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। मोदी अफगान नेताओं के साथ वार्ता में सुरक्षा सहयोग समेत अहम द्विपक्षीय मामलों पर ध्यान केंद्रित करेंगे और युद्धग्रस्त देश की मदद के तरीकों पर चर्चा करेंगे। भारत ने अफगानिस्तान को दो अरब डॉलर से अधिक की मदद देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
मोदी संसद भवन का उद्घाटन करेंगे जिसे भारत द्वारा नौ करोड़ डॉलर की लागत से बनवाया गया है। उनके अफगानिस्तान के सांसदों को संबोधित करने की भी उम्मीद है। भारत ने अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में सहयोग करने और मित्रता के प्रतीक के रूप में 2007 में संसद भवन परियोजना शुरू की थी। इसे चार करोड़ 50 लाख डॉलर की अनुमानित लागत से शुरू किया गया था। अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले भारत ने अफगानिस्तान को तीन एमआई 25 हेलीकॉप्टर की आपूर्ति की जिसे युद्धग्रस्त देश के प्रति उसकी रणनीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि अफगानिस्तान की सरकार को इस प्रकार के तीन हेलीकॉप्टर पहले की दिए जा चुके हैं जो कि तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ इसकी क्षमता बढाएंगे।
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