झूलाघाट: भारत के बाद अब नेपाल में भी महंगाई चरम पर है। पश्चिमी नेपाल के बैतड़ी जिला मुख्यालय से सटे देहमाणू बाजार में इन दिनों सन्नाटा छाया हुआ है। भारत की ओर से की गई नाकेबांदी के बाद महंगाई अब चरम पर आ गई है। अरहर महंगी होने से व्यापारियों ने इसे मंगाना भी कम कर दिया है।
क्यों महंगी हुई दाल?
डीजल और पेट्रोल की किल्लत के कारण धनगढ़ी मंडी से आवश्यक सामान नहीं आ पा रहा है। सामान की सप्लाई नहीं होने से अरहर 400 रुपये किलो (नेपाली मुद्रा) बिक रही है। अरहर की दाल इतनी महंगी होने की वजह से व्यापारियों ने तो इसे मंगाना भी कम कर दिया है। इसकी खपत भी गिर गई है। इसके अलावा स्थानीय दालों लोबिया, राजमा, गहत और भट्ट की कीमतें भी बढ़ गई है। इन दालों की कीमतें भी पिछले साल की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। इसके अलावा बैतड़ी, डडेलधुरा, दार्चुला बाजारों में भी जरूरी सामान की खासी कमी हो गई है। चीन और जापान निर्मित सामान नहीं मिल पा रहा है।
नेपाल में क्यों चर्चित है देहमाणू बाजार?
नेपाल में देहमाणू बाजार खासा चर्चित है। यहां लोग त्योहारों के सीजन में शॉपिंग के लिए आते है। देहमाणू बाजार में हमेशा चहल-पहल रहती थी लेकिन अभी त्योहारी सीजन में भी सन्नाटा छाया हुआ है। महंगाई के चलते लोगों की आवाजाही कम है जिससे व्यापारियों में मायूसी है।
भारत में अरहर दाल की कीमतों में गिरावट शुरू
एक तरफ जहां नेपाल में दाल की कीमतें आसमान छू रही है वहीं, भारत में दाल की कीमतों में गिरवाट शुरू हो गई है। सरकार की ताबड़तोड़ कोशिशों का असर दाल की कीमतों में दिखने लगा है। मंगलवार को अरहर दाल के दाम 190 रुपए प्रति किलो पर आ गए। इससे पहले पहले अरहर दाल की कीमतें 210 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई थी। सरकार ने जमाखोरी के खिलाफ कई राज्यों में छापा मार अब तक 82,000 टन दालें जब्त की। जब्त दाल एक सप्ताह के भीतर रिटेल मार्केट में आनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद कीमतें और नीचे आएंगी।
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