लाहौर: एक पाकिस्तानी यूनिवर्सिटी ने परिसर में लड़के और लड़कियों को जोड़े में बैठने को इस्लामी परंपराओं के खिलाफ करार देते हुए ऐसा करने पर रोक लगा दी है। सरगोधा यूनिवर्सिटी लाहौर परिसर ने कल एक सर्कुलर जारी कर कक्षा, भोजनालय और परिसर में कहीं भी छात्रों एवं छात्राओं के जोड़े में बैठने पर रोक लगा दी।
यूनिवर्सिटी का कहना है कि रोक पैरेंट्स और विद्यार्थियों की शिकायत पर लगाई
सर्कुलर में कहा गया है कि हमारी सांस्कृतिक एवं धार्मिक बाध्यताओं और अभिभावकों की शिकायतों के मद्देनजर यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों एवं छात्राओं के बीच नामुनासिब कम्यूनिकेशन पर कड़ाई से रोक लगायी जाती है। यूनिवर्सिटी के निदेशक मियां जावेद ने कहा, हमने अभिभावकों की शिकायत पर छात्रों एवं छात्राओं के युगल में बैठने पर रोक लगा दी है। अभिभावकों ने विशेषकर कक्षा में लड़के और लड़कियों के साथ बैठने पर एतराज किया था।
3-4 के समूह में साथ बैठ सकते हैं लड़के-लड़कियां
जावेद ने आगे कहा कि अभिभावकों और कुछ विद्यार्थियों की शिकायतों पर विचार करते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन और उसके बोर्ड ने लड़के और लड़कियों के जोड़े में बैठने पर रोक लगाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियां पढ़ाई से संबंधित डिस्कशन के लिए समूह में (तीन या चार के समूह में) एकसाथ बैठ सकते हैं। जावेद ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है और हमें लड़के और लड़कियों के साथ बैठने की इस संस्कृति को निरूत्साहित करना है। सरगोधा यूनिवर्सिटी पहली सार्वजनिक संस्था है, जिसने हाल के समय में इस तरह की पाबंदी लगायी है।
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