कुवैत सिटी: सउदी दूतावासों पर ईरान में हुए हमले के विरोध में तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने वाले देशों में आज कुवैत भी शामिल हो गया। हालांकि, इसने तेहरान के राजदूत को नहीं निकाला है न ही ईरान के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर किया है।
सुन्नी नीत सउदी अरब और बहरीन ने इससे पहले शिया बहुल मुल्क ईरान से इस हफ्ते अपने संबंध तोड़ने की घोषणा की है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने अपने राजदूत को वापस बुला लिया है और इस्लामिक गणतंत्र से संबंध कमतर कर लिए है।
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य बहरीन, कुवैत, सउदी अरब और यूएई, ओमान और कतर के साथ हैं। आधिकारिक कुना समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करता है।
कुवैत की 13 लाख आबादी शिया है। तेहरान से मिली खबर के मुताबिक ईरान के सरकारी प्रवक्ता ने आज कहा कि सउदी अरब के उससे राजनयिक संबंध तोड़ने से ईरान को या इसके विकास को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
ईरान में अपने दूतावास और एक वाणिज्य दूतावास पर ईरानी प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद रियाद के तेहरान से संबंध तोड़ने पर मोहम्मद बघेर नोबाख्त ने यह कहा। सउदी अरब में एक प्रमुख शिया धर्मगुरू को मौत की सजा दिए जाने के बाद यह घटना हुई थी। बहरीन और सूडान ने भी ईरान के साथ राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं। नोबाख्त ने कहा है, यह सउदी अरब है जो प्रभावित होगा।
Latest World News