माशिकी (जापान): दक्षिणी जापान में आज तड़के फिर से आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम सात लोग मारे गए और बड़ी इमारतें नष्ट हो गयीं । इससे पहले आए भूकंप में नौ लोगों की मौत के बाद फिर से आए भूकंप के कारण बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ। दक्षिणी पश्चिमी द्वीप क्याशू में भूकंप आने से तबाही का नया मंजर शुरू हो गया और इसके बाद इलाके में भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए जहां गुरूवार को आए भूकंप के कारण लोग पहले से ही दहशत में थे। शक्तिशाली भूकंप के कारण भारी भूस्खलन शुरू हो गया जो घरों को बहा ले गया और एक इलाके में तो राजमार्ग ही पूरी तरह नष्ट हो गया।
इससे पूर्व आए भूकंप में जहां पुराने घरों को नुकसान पहुंचा था तो वहीं नए सिरे से आए भूकंप में विशाल इमारतें जमींदोज हो गयीं । भूकंप का केंद्र कुमामोटो प्रांत में था। इसके अलावा इलाके में एक सक्रिय ज्वालामुखी आज तड़के भड़क उठा । स्थानीय सरकारी अधिकारियों को अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भूकंप के चलते ज्वालामुखी भड़का है या किसी अन्य कारण से । कुमामाटो प्रांत से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सात लोगों की मौत हुई है । उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। इस बीच सरकारी प्रसारणकर्ता एनएचके ने मरने वालों की संख्या नौ बतायी है और कहा है कि कम से कम 760 लोग घायल हुए हैं ।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सैंकड़ों लोग मलबे में फंसे हैं या जिंदा दफन हो गए हैं । भूस्खलन स्थल के पास मिनामी आसो में एक क्षतिग्रस्त इमारत में 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है । कुमामाटो प्रांत के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उन्हें इमारत में फंसे लोगों की हालत के बारे में जानकारी नहीं है । इस बीच, यात्शुशिराओ शहर में एक रिहायशी परिसर में बड़े पैमाने पर आग लग गयी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी। शहर के अधिकारी किचिरू तेरादा ने इस घटना की पुष्टि की है ।
समीप के कुमामाटो शहर में प्रशासन अस्पताल इमारत के ध्वस्त होने की आशंका के चलते वहां से मरीजों को अन्यत्र ले जा रहा था और बाद की तस्वीरों में अस्पताल इमारत को पूरी तरह ध्वस्त दिखाया गया है । 61 वर्षीय हिसाको को भी उनकी बेटी के साथ समीप के पार्क में ले जाया गया जहां करीब 50 अन्य लोग भी नीली प्लास्टिक की चादरों पर बैठे थे । ओगाटा ने बताया, हम अपने घर को छोड़कर बाहर आ गए क्योंकि लगातार झटकों के कारण वहां रहना मुश्किल था। उन्होंने कहा, यह बहुत डरावना था। भगवान की शुक्र है कि मैं जिंदा हूं । घटना के समय शहर में मौजूद एएफपी के एक पत्रकार ने बताया कि शक्तिशाली झटकों के कारण उनकी नींद खुली जिसके चलते होटल के कमरे में उसका टेलीविजन सेट नीचे गिरकर चकनाचूर हो गया। होटल के स्टाफ ने वहां रह रहे मेहमानों से कमरों को खाली करने को कहा।
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