कोलंबो: पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे ने आज दावा किया कि ऐसा संभव है कि भारत और श्रीलंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश पहुंचने से पहले ही आर्थिक सहयोग से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर कर लिया हो।
दोनों देश श्रीलंका के पूर्वी बंदरगाह जिले त्रिंकोमली में एक सामरिक तेल प्रतिष्ठान के संयुक्त संचालन के लिए भारत को तेल के टैंक लीज पर देने के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले थे लेकिन श्रीलंकाई विपक्षी दलों ने यह कहते हुए समझौते का विरोध किया कि सरकार भारत को राष्ट्रीय संसाधन बेच रही है।
राजपक्षे ने मोदी के कोलंबो पहुंचने से घंटों पहले मध्य श्रीलंका के शहर कैंडी में संवाददाताओं से कहा, मेरे पास सूचना है कि समझौतों पर पहले ही हस्ताक्षर किया जा चुका है। इसलिए भारतीय प्रधानमंत्री का आना ना आना महत्व नहीं रखता।
राजपक्षे ने कहा कि उन्हें मोदी की यात्रा को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा, दिक्कत केवल तब होगी अगर वे समझौतों पर हस्ताक्षर करते हैं। मेरी समझ कहती है कि इनपर पहले ही हस्ताक्षर किया जा चुका है।
प्रस्तावित समझौते के तहत त्रिंकोमली में 99 में से कम से कम 73 स्टोरेज टैंकों का प्रबंधन भारत एवं श्रीलंका के बीच होने वाली हिस्सेदारी की नयी व्यवस्था के तहत होगा। 2002 में इंडियन ऑयल कंपनी को संचालन के लिए 99 में से 14 टैंक दिए गए थे।
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