तालिबान जल्द जारी करेगा बयान
अफगान सरकार एवं खुफिया सूत्रों के हवाले से बीबीसी ने कहा कि उमर की मौत दो से तीन साल पहले ही हो गई थी। इस बारे में कोई और ब्यौरा नहीं दिया गया है। इसमें तालिबान प्रवक्ता के हवाले से कहा गया कि आतंकवादी संगठन जल्द ही एक बयान जारी करेगा।
इस माह के शुरू में तालिबान ने ईद की पूर्व संध्या पर उमर का संदेश जारी किया था। इस संदेश में उसने अपने समूह एवं अफगान सरकार के बीच अफगानिस्तान में 13 साल से चल रहे युद्ध के खात्मे के लिए होने वाली बातीचत को उचित कहकर उसकी सराहना की थी।
पहले भी आ चुकी हैं मुल्ला उमर के मारे जाने की खबरें
बीबीसी ने कहा कि पूर्व में भी उमर की मौत को लेकर कई खबरें आ चुकी हैं। बहरहाल, इस बार अफगान सरकार के शीर्ष सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के हटने के बाद से उमर फरार है। 9:11 के हमले के बाद उमर द्वारा अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का समर्थन किये जाने के बाद ही अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान के खिलाफ अभियान चलाया गया।
उमर पर था एक करोड़ डॉलर का इनाम
उमर पर एक करोड़ अमेरिकी डालर का इनाम था। तालिबान नेता एवं लड़ाकों ने अपने प्रमुख को 2007 के बाद से नहीं देखा है।
अफगान तालिबान ने इस साल 5000 शब्दों की जीवनी प्रकाशित की थी जो उसके समूह प्रमुख के रूप में 19 वर्ष पूरे करने के अवसर पर प्रकाशित की गई थी। जीवनी में कहा गया कि वह कांधार प्रांत में खाखरेज जिले के चाह इ हिम्मत गांव में पैदा हुआ था।
जीवनी में 1983 से 1991 के बीच रूसी सेनाओं के साथ हुई लड़ाई में उमर की उपलब्धियों को गिनाया गया है। इसमें कहा गया कि वह चार बार घायल हुआ और उसकी दायीं आंख चली गयी।
उमर को 1996 में अमीर उल मोमीन का खिताब मिला जो तालिबान के सर्वोच्च नेता को दिया जाता है।
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