बैंकाक: भारत के साथ व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता को थाइलैंड अंजाम तक पहुंचाना चाहता है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। थाइलैंड के उप-प्रधानमंत्री सोमकिद जातुस्रिपितक ने कहा, मुक्त व्यापार समझौते के लिए हम वास्तव में भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। हालांकि इसे लेकर पूर्व में हमारे बीच कुछ बाधाएं रही हैं लेकिन मुझे लगता है कि हम इनका समाधान कर लेंगे।
दोनों देशों ने 2004 में शुरू की गई अर्ली हार्वेस्ट योजना के तहत पहले ही 82 वस्तुओं पर शुल्क हटा दिए हैं जिसमें फल, प्रसंस्कृत खाद्य, रत्न एवं आभूषण, लौह एवं इस्पात, वाहन कलपुर्जे और इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं।
यह प्रस्तावित व्यापक मुक्त व्यापार समझौते का पहला चरण था जिसे एक पूर्ण रूप प्रदान किया जाना है। इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार में इस्तेमाल होने वाली 90 प्रतिशत वस्तुओं पर शुल्क या तो कम किए जाने हैं या हटाए जाने हैं। इसमें सेवाओं का व्यापार भी शामिल होगा।
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