बीजिंग: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से कहा कि चीन-भारत संबंधों ने रणनीतिक महत्व हासिल किया है और अगर दोनों देश मिलकर काम करते हैं, तो वे वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए जबरदस्त गति पैदा कर सकते हैं।
21 तोपों से किया गया राष्ट्रपति का स्वागत
मुखर्जी ने ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में शी के साथ बातचीत के दौरान अपने शुरूआती वक्तव्य में कहा, अगर हम साथ काम करते हैं तो हम शांति, समृद्धि और विकास के लिए जबरदस्त रफ्तार पैदा कर सकते हैं जो न केवल हमारी अपनी जनता को फायदा पहुंचाएगी बल्कि पूरी मानवता को लाभान्वित करेगी। उन्होंने कहा, मेरी यात्रा हमारे दोनों देशों और हमारी जनता के बीच दोस्ती की पुष्टि है। मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि यह सार्वजनिक सहयोग और रिश्तों की समझ को बढ़ाएगी। इससे पहले मुखर्जी का 21 तोपों की सलामी के साथ परंपरागत स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति की चीन यात्रा से दोनों देशों के संबंध होंगे और मज़बूत
मुखर्जी का स्वागत करते हुए शी ने कहा, आप अनुभवी राजनेता हैं और चीनी जनता के पुराने मित्र हैं जो चीन और भारत के बीच दोस्ती को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से प्रतिबद्ध रहे हैं। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के महासचिव शी ने कहा, जब मैं 2014 में भारत गया था तो आपने और भारत सरकार ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया था। उस यात्रा में हमने चीन-भारत संबंधों पर तथा आपसी हितों के मुद्दों पर गंभीर और स्पष्ट बातचीत की। हम कई साझा सहमतियों पर पहुंचे। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि आपकी मौजूदा यात्रा चीन और भारत के बीच उच्चस्तरीय बातचीत की रफ्तार को मजबूत करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में हमारे संपूर्ण रिश्तों और मित्रवत सहयोग को आगे ले जाने की उम्मीद है।
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