बगदाद: अपने ट्विटर अकाउंट को बंद किए जाने की वजह से ISIS अपना दुष्प्रचार जारी नहीं रख पा रहा है। अमेरीकी सरकार की सलाहकार लिसा मोनाको के अनुसार बीते छह महीने के दौरान ट्विटर ने इस्लामिक स्टेट के करीब 125000 समर्थकों के अकाउंट बंद कर दिये हैं पर अभी भी 90000 ऐसे अकाउंट एक्टिव हैं। ट्विटर यूज़र्स का एक छोटा हिस्सा इस्लामिक स्टेट के समर्थकों का है और वे ट्विटर का इस्तेमाल करके लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे हैं।
जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जेएम बर्गर ने पता लगाया है कि किस प्रकार चरमपंथी समूह नए लोगों को इस संगठन में लाने के लिए इस नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। शोधकर्ता थॉमस नीसेन के अनुसार, "यूज़र अक्सर एक लिंक ट्वीट करके शुरुआत करते हैं और फिर आगे ब्लॉग पर विस्तार से लिखने, वीडियो और दूसरे सोशल मीडिया पर इस्लामिक स्टेट के भर्ती करने वालों से बात करने तक पहुँच जाते हैं।"
ISIS ग्रुप में मैसेज भेजने के लिए #Raqqa का प्रयोग करता है और बड़े हमलों के लिए #ParisOnFire और #BrusselsOnFire का इस्तेमाल किया था। जब इस्लामिक स्टेट ने इराक के शहर मोसुल पर क़ब्ज़ा किया था, तो उसने लोकप्रिय हैशटैग्स के बॉट्स और स्पैम्ड का इस्तेमाल किया ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों उसे देख पाए। बर्गर के अनुसार इस्लामिक स्टेट के समर्थकों ने वाले 20 फ़ीसदी ट्वीट बॉट या ऐप से किए है। इस्लामिक स्टेट का अध्ययन करने वाले जोसेफ़ शाहीन का कहना है कि अकाउंट बंद करने के मार्ग में और अधिक क़दम उठाने होंगे। ना केवल अकाउंट बल्कि पूरे क्लस्टर्स और कम्यूनिटी को भी बंद करना होगा।
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