इस्लामाबाद: पाकिस्तान और रूस इस साल के अंत में अब तक के सबसे पहले संयुक्त सैन्य अभ्यास करने के लिए तैयार हैं। शीतयुद्ध के दौरान विरोधी खेमों में रहे दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को दर्शाने वाले इस अभ्यास की जानकारी मीडिया ने दी है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि दोनों पक्षों के लगभग 200 सैन्यकर्मी इन संयुक्त अभ्यासों में भाग लेंगे। यह कदम मास्को और इस्लामाबाद के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों के बीच उठाया जा रहा है। इस्लामाबाद आधुनिक रूसी युद्धक विमानों को खरीदने पर भी विचार कर रहा है।
मास्को में पाकिस्तान के राजदूत काजी खलीलुल्ला ने अखबार को बताया कि यह पहली बार है, जब इन दोनों देशों के सैन्यकर्मी संयुक्त सैन्य अभ्यासों फ्रेंडशिप-2016 में हिस्सा लेंगे। हालांकि उन्होंने अभ्यासों की प्रकृति और तिथियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। खलीलुल्ला ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच बढ़े हुए सहयोग को दर्शाता है।
उन्होंने पिछले सप्ताह एक रूसी समाचार एजेंसी को बताया, यह निश्चित तौर पर दोनों पक्षों की ओर से रक्षा एवं सैन्य-तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की इच्छा दर्शाता है। अखबार ने कहा कि संयुक्त सैन्य अभ्यास को सेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग के एक अन्य कदम के रूप में देखा जाता है। यह उन दो देशों के द्विपक्षीय संबंध में एक सतत वृद्धि दिखाता है, जिनके संबंध दशकों तक चली शीत युद्ध की दुश्मनी के कारण बिगड़ गए थे।
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