इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि यहां शादी करने के बाद भारतीय उच्चायोग में शरण लेने वाली भारतीय महिला सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद अपने देश वापस लौट सकेगी। उजमा (20) ने पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में शरण की मांग की और उसने भारत भेजे जाने का आग्रह किया। उसने यह कदम तब उठाया जब उसे पता चला कि खैबर-पख्तूनख्वा के रहने वाले जिस ताहिर अली से उसने शादी की है, वह पहले से ही 4 बच्चों का पिता है।
उजमा ने सोमवार को अदालत में सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि अली ने बंदूक की नोक पर उसे जबरन निकाह के लिए मजबूर किया और बाद में उसका शारीरिक और यौन शोषण किया। उसने उसके दस्तावेज भी जब्त कर लिए। उजमा ने कहा कि वह यह बयान किसी भी तरह के दवाब में नहीं दे रही है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि वर्तमान में अदालत में उजमा के मामले की सुनवाई चल रही है और वह सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद ही वापस लौट पाएंगी।
जकारिया ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी अली से उजमा के निकाह के विवरण के लिए विदेश कार्यालय से अनुरोध किया है। उजमा मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
Latest World News