मिडिल-ईस्ट में छिड़ा युद्ध खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। ईरान के पास आज तक की समय-सीमा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान के अभी भी डील करने का वक्त है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो सब कुछ बर्बाद कर दूंगा। ट्रंप की इस धमकी का भी ईरान पर कोई असर नहीं हुआ। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबफ ने सोशल मीडिया पर ट्रंप की धमकी का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका के इस तरह के कदम इस पूरे इलाके को एक बड़े संघर्ष की ओर धकेल रहे हैं। ईरान हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने वार्निंग दी है कि अमेरिका की नीतियां हर परिवार के लिए जीता जागता नरक बन सकती हैं।
खत्म होनेवाली है ट्रंप की डेडलाइन
बता दें कि फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रंप की ओर से दी गई डेडलाइन पर टिकी है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हो पाई या विफल रही तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में भीषण सैन्य संघर्ष छिड़ सकता है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ना तय है।
होर्मुज खोलने के लिए अस्थाई सीजफायर से इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बावजूद ईरान ने होर्मुज खोलने के बदले अस्थाई सीज़फयार से इनकार कर दिया है। ईरान ने कहा है कि वह अपनी शर्तों पर अडिग है। सीज़फायर नहीं बल्कि पूरी तरह से जंग का खात्मा चाहिए। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो अमेरिका ईरान ने पावर प्लांट और पुलों पर भीषण हमला करेगा। ट्रंप ने इस धमकी के लिए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 6 अप्रैल तक की डेडलाइन दी थी। अब ट्रंप की धमकी के मुताबिक ईरान के पास कल सुबह पांच बजे (भारतीय समय के मुताबिक) तक का वक्त है। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानों को मार गिराया है जबकि अमेरिका का कहना है कि उसने खुद ही अपने विमान नष्ट कर दिए।
Latest World News