म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड के कुछ हिस्सों में शुक्रवार (28 मार्च) को आए भीषण भूकंप ने बड़ी तबाही मचाई है और इस आपदा में मरने वालों की संख्या शनिवार शाम तक 1,600 को पार कर गई, जिसमें अकेले म्यांमार में 1,644 लोग मारे गए हैं। भूकंप की वजह से घायलों की संख्या 3,408 पहुंच गई है, जबकि भूकंप के बाद 139 लोग लापता बताए जा रहे हैं। चारों तरफ लाशों के ढेर नजर आ रहे हैं और चीख पुकार मची है। म्यांमार और उसके पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आने से इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूकंप के झटके पूर्वी भारत और चीन के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए।
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भूकंप से तबाही, जानें 10 प्वाइंट्स में
- शुक्रवार को दोपहर 12:50 बजे (0650 GMT) म्यांमार के सागाइंग के उत्तर-पश्चिम में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जो 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर था। कुछ ही मिनटों बाद, 6.7 तीव्रता का एक और झटका आया और फिर कई छोटे-छोटे झटके महसूस किए गए।
- भूकंप का असर पूरे क्षेत्र में महसूस किया गया, जिससे पश्चिम में भारत और पूर्व में चीन के साथ-साथ कंबोडिया और लाओस की इमारतें हिल गईं। म्यांमार के सैन्य जुंटा ने आज सुबह एक बयान में कहा कि देश में मरने वालों की संख्या 1,000 को पार कर गई है।
- म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध ने, जो सेना द्वारा सत्ता पर कब्ज़ा करने से शुरू हुआ था, आपातकालीन सेवाओं को गंभीर रूप से कमज़ोर कर दिया है, जिससे वे इस परिमाण की आपदा से निपटने में असमर्थ हो गए हैं।
- पड़ोसी देश थाईलैंड में, भूकंप के कारण बैंकॉक के चतुचक बाज़ार के पास निर्माणाधीन एक ऊंची इमारत ढह गई, जिससे 10 लोगों की मौत हो गई। मलबे में 100 से अधिक श्रमिकों के फंसे होने की आशंका है।
- भूकंप के कारण म्यांमार के मांडले में इमारतें मलबे और मुड़ी हुई धातु के ढेर में तब्दील हो गईं, जिसके नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए निवासियों और आपातकालीन कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ा। सागाइंग से इरावदी नदी पर बना लगभग 100 साल पुराना ढांचा अवा ब्रिज पानी में गिर गया। जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने "किसी भी देश, किसी भी संगठन" से सहायता का अनुरोध किया।
- एक्सपर्ट फीनिक्स ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में महीनों तक आफ्टरशॉक्स (झटकों) का खतरा बना रहेगा, क्योंकि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरोशियन प्लेट से टकराती जा रही है।
- यूएसजीएस का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है।
- म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध और संचार सेवाओं के ठप होने के कारण इस आपदा के प्रभाव को पूरी दुनिया ठीक से समझ नहीं पा रही है।
- म्यांमार की राजधानी नेपीता में एक दिन पहले आए 7.7 तीव्रता के घातक भूकंप के बाद शनिवार को भी कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
- शक्तिशाली भूकंप के कारण सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक अवसंरचनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके चलते कई क्षेत्र अभी भी संपर्क से कटे हुए हैं।
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