चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत की धरती एक बार फिर भूकंप के झटकों से कांप उठी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई है। भूकंप के झटकों से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल पड़े। जानमाल के नुकसान की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। जानकारी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र नागकू शहर से 215 km उत्तर-पूर्व में था। नागकु वर्तमान में चीन द्वारा नियंत्रित तिब्बत के उत्तरी भाग में स्थित एक प्रमुख शहर है। इससे पहले बृहस्पितवार की रात को इस इलाके में 7 की तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें जानमाल का काफी नुकसान हुआ।
अमेरिकी एजेंसी United States Geological Survey के मुताबिक शनिवार सुबह आए ताजा भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई है। वहीं नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में शनिवार सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर यह भूकंप के झटके महसूस हुए। धरती के नीचे 10 किमी की गहराई पर यह भूकंप आया और इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई।
बृहस्पतिवार को आया था 7 की तीव्रता का भूकंप
बता दें कि इससे पहले बृहस्पितवार की रात चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इस शक्तिशाली भूकंप से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ। 16 लोगों की मौत हो गई और 76 अन्य लोग घायल हो गए। 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
Image Source : APतिब्बत के नागकू इलाके में भूकंप से मची तबाही
भूकंप के बाद चीन ने जिंदा बचे लोगों की तलाश के लिए क्षेत्र में उपग्रह और ड्रोन तैनात किए। अधिकारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजकर 33 मिनट (स्थानीय समय) पर नागकू शहर की बाकेन काउंटी में आए भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर से भी कम गहराई पर था।
राहत और पुनर्वास का काम जारी
इस बीच बचाव एवं राहत अभियान के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करने का काम जारी है। चीन एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी निगम (सीएएससी) ने बताया कि बचाव कार्यों में मदद के लिए चीन ने भूकंप प्रभावित इलाके में आपातकालीन संचार सुविधा देने और वहां की तस्वीरें लेने के लिए उपग्रहों और ड्रोन को तैनात किया है।
भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है तिब्बत का पठार
तिब्बती पठार को भूकंप के खतरे के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह क्षेत्र उस स्थान के ठीक ऊपर स्थित है, जहां यूरेशियाई एवं भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिससे भूकंपीय कंपन पैदा होती है।
चीन ने भूकंप के बाद आपातकालीन आपदा राहत के लिए लगभग 75 लाख अमेरिकी डॉलर (पांच करोड़ युआन) आवंटित किए हैं और पुनर्वास कार्यों के लिए तीन करोड़ युआन की अतिरिक्त राशि निर्धारित की है। इससे पहले आई खबरों के अनुसार, भूकंप में 330 से अधिक मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हो गए। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
चाइना रेलवे छिंगहाई-तिब्बत ग्रुप कंपनी लिमिटेड ने बताया कि प्रभावित हिस्से में छिंगहाई-तिब्बत रेलवे पर यात्री ट्रेन का परिचालन शुक्रवार सुबह कम गति से फिर शुरू कर दिया गया।
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