दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट में 30 सितंबर को क्या-क्या हुआ, इसके बारे में विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को विस्तार से बताया है। बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मित मच्छार के साथ वीडियो कॉल पर बात की, उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने बताया कि किस तरह एक सामान्य उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट के अंदर हालात बदले और फिर एक खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। बातचीत के अंत में नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित भी किया।
यूएई के एक अस्पताल में चल रहा इलाज
कैप्टन सुमित मच्छार का इलाज यूएई के एक अस्पताल में चल रहा है। बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मित मच्छार को वीडियो कॉल किया और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। नेतन्याहू ने स्मित मच्छार के साहस और वीरता की तारीफ की। इस बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने नेतन्याहू को पूरा घटनाक्रम बताया कि कॉकपिट में क्या-क्या हुआ।
को-पायलट नमाज के लिए उठा...कुछ मिनट के बाद हमला करने लगा
स्मित मच्छार ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि यह आम दिनों की तरह एक नॉर्मल फ्लाइट थी और सबकुछ ठीक चल रहा था। इस बीच को-पायलट नमाज के लिए उठा। यह भी एक सामान्य बात है। यह कुछ अलग नहीं था। मुश्किल से चार-पांच मिनट बीते थे कि अचानक मेरे सिर के पिछले हिस्से में जोरदार चोट लगी। चोट काफी गहरी थी। मुझे लगा कि एयरक्राफ्ट में कुछ हुआ है। इसी बीच दूसरा प्रहार हुआ और फिर देखा कि को-पायलट पीछे से मुझपर हमला कर रहा है। मैंने उसे रोकने की कोशिश की। लेकिन चोट काफी गहरी होने के कारण मेरी आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा।
पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला
स्मित मच्छार ने बताया कि इस बीच उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उन्होंने यादाश्त का इस्तेमाल करते हुए कोड से दरवाज़ा खोलने की कोशिश की लेकिन ओमानी पायलट वो नहीं करने दे रहा था। स्मित ने कहा कि उस समय उनके पास अपनी जान बचाने के लिए आखिरी कोशिश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। कप्तान स्मित ने नॉब को घूमते हुए अपने अंतिम कोशिश की। पूरी ताकत लगाकर और होश का इस्तेमाल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उन्होंने बताया कि बाहर मौजूद लोग घबराकर चिल्ला रहे थे और उनकी मदद के लिए इंतजार कर रहे थे।
Image Source : APफ्लाईदुबई का विमान
को-पायलट की पहचान हुई
बता दें कि दुबई से तेल अवीव जाने वाले फ्लाईदुबई के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने वाले को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। अल-हम्मामी की कट्टरपंथी विचारधारा के कारण पूर्व में ओमान के अधिकारियों ने उसके विमान उड़ाने पर रोक लगा दी थी।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में क्या हुआ था?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में अल-हम्मामी ने कैप्टन मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से हमला करके उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। आपातकालीन कुल्हाड़ी आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए कॉकपिट में रखी होती है। विमान में 174 यात्री सवार थे। विमान ने इमरजेंसी का मैसेज भी भेजा था। विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से गिरते हुए 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट के फर्श पर घायल अवस्था में पड़े थे, तभी उन्हें पता चला कि विमान नीचे जा रहा है। को-पायलट उन्हें कॉकपिट का दरवाजा खोलने नहीं दे रहा था। स्मित मच्छार ने एक आखिरी कोशिश करने का फैसला किया। कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही यात्रियों ने हमलावर को-पायलट पर काबू पा लिया। इसके बाद दो रिजर्व पायलटों ने विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के ताबुक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाई अड्डे पर उतारा। जहां अल-हम्मामी को हिरासत में ले लिया गया।
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