1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को फांसी का सजा? जानिए किन आरोपों का सामना कर रहे हैं यून सुक योल

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को फांसी का सजा? जानिए किन आरोपों का सामना कर रहे हैं यून सुक योल

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के लिए अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा का अनुरोध किया है। उन पर दिसंबर 2024 में असंवैधानिक रूप से मार्शल लॉ लागू करने का आरोप है।

Yoon Suk Yeol, ex-South Korean president- India TV Hindi
Image Source : AP यून सुक योल, दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति

सियोल: दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून-सुक योल बेहद गंभीर कानूनूी संकट का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ चल रहे मामले में फांसी की सजा देने का अनुरोध किया गया है। अदालत ने पुष्टि की है कि एक स्वतंत्र वकील ने दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू किए जाने के मामले में विद्रोह के आरोपों में पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के लिए मृत्युदंड देने का अनुरोध किया है। 

‘योनहाप न्यूज एजेंसी’ के मुताबकि स्वतंत्र वकील चो यून-सुक की टीम ने सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में यह अर्जी दायर की है। पिछले साल अप्रैल में पद से हटाए गए यून को मार्शल लॉ से जुड़ी विफलता और उनके कार्यकाल के दौरान हुए अन्य घोटालों के मामलों में कई आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें विद्रोह का आदेश देने का आरोप सबसे गंभीर माना जा रहा है। 

यून सुक योल पर आरोप

विशेष अभियोजकों (Special Prosecutors) ने यून सुक योल को "राजद्रोह का रिंगलीडर" बताते हुए मौत की सजा (Death Penalty) की मांग की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में असंवैधानिक रूप से मार्शल लॉ लागू किया, संसद को सेना के जरिए ब्लॉक करने की कोशिश की और विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की। दक्षिण कोरियाई कानून के मुताबिक विद्रोह के मुख्य सूत्रधार को मौत की सजा या आजीवन कारावास दिया जा सकता है।

बता दें कि यून सुक योल पर मौजूदा समय में कुल सात अलग-अलग आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे हैं। इसमें न्याय में बाधा डालना, अधिकारों का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी एवं उत्तर कोरिया में सैन्य ड्रोन भेजने के आरोपों को लेकर भी उन पर मुकदमा चल रहा है।

इससे पहले अप्रैल 2025 में संवैधानिक न्यायालय ने उनके महाभियोग को बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था।  जनवरी 2025 में पद पर रहते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल वे जेल में हैं। यून के वकीलों का तर्क है कि मार्शल लॉ लगाना एक "राजनीतिक निर्णय" था जो न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर है, हालांकि अभियोजन पक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला मान रहा है।

Latest World News