संयुक्त राष्ट्र: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बंद कमरे में इस मुद्दे पर चर्चा की। चर्चा के दौरान राजदूतों ने संयम बरतने और संवाद करने का आह्वान किया। इस दौरान पाकिस्तान से कड़े सवाल भी पूछे गए। यूएनएससी की बैठक को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि कोई उसकी बातों पर ध्यान नहीं देता है।
'ऐसी चर्चा से परिणाम की उम्मीद नहीं'
सैयद अकबरुद्दीन ने यह भी कहा कि सिंधु जल समझौते के निलंबन पर परमाणु हमले की धमकी का भारत पर कोई असर नहीं पड़ता है। इससे पहले सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था कि ऐसी चर्चा से किसी परिणाम की उम्मीद नहीं की जा सकती है ‘‘जहां संघर्ष में शामिल एक पक्ष परिषद की अपनी सदस्यता का उपयोग करके विमर्श को आकार देने की कोशिश करता है। भारत ऐसे पाकिस्तानी प्रयासों को विफल करेगा।’’
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जताई चिंता
भारत और पाकिस्तान के बीच बंद कमरे में बैठक से कुछ समय पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का स्तर पिछले कई साल में सबसे अधिक होने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे यह देखकर दुख होता है कि रिश्ते ऐसी हालत में पहुंच गए हैं।’’
'नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है'
एंटोनियो गुटेरेस ने यह भी कहा था कि वह पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद लोगों की भावनाओं को समझते हैं। उन्होंने आतंकी हमले की कड़ी निंदा भी थी। उन्होंने कहा था कि नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। (भाषा)
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