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भारत के इस दोस्त देश को समुद्र में मिला गैस का बड़ा भंडार, इंडिया को भी होगा फायदा!

जिस क्षेत्र पर प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई उसे कैटलन नाम दिया गया है, जिसे हिब्रू में 'ओर्का' कहा जाता है।

भारत के इस दोस्त देश को समुद्र में मिला गैस का बड़ा भंडार, इंडिया को भी होगा फायदा!- India TV Hindi Image Source : FILE भारत के इस दोस्त देश को समुद्र में मिला गैस का बड़ा भंडार, इंडिया को भी होगा फायदा!

Israel News: भारत के दोस्त इजरायल के हाथ ऐसा खजाना लग गया है जिससे उसकी किस्मत बदल सकती है। भारत को भी इसका फायदा मिल सकता है। दरअसल, इजरायल के ऊर्जा और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर मंत्रालय, ग्रीक-ब्रिटिश हाइड्रोकार्बन एक्‍सप्‍लोरेशन और उत्पादन कंपनी एनर्जियन ने ऐलान किया है कि देश में नेचुरल गैस का बड़ा भंडार मिला है। इस आधिकारिक ऐलान में इजरायल की किस्मत बदलती दिख रही है। जिस क्षेत्र पर प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई उसे कैटलन नाम दिया गया है, जिसे हिब्रू में 'ओर्का' कहा जाता है। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबि​क यह साल 2015 के बाद से इजरायल द्वारा मान्यता प्राप्त पहली प्राकृतिक गैस खोज है।

यह खोज क्यों है खास?

देश के ऊर्जा मंत्री इजरायल काट्ज ने प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज के लिए एक औपचारिक पहचान प्रमाण पत्र एनर्जेन के सीईओ मैथ्यू रिगास को सौंपा है। एक अनुमान के नया क्षेत्र करीब 68 बिलियन क्यूबिक मीटर है और तकनीकी तौर पर इसे मई 2022 में तलाशा गया था। इजरायली तट के अन्य क्षेत्रों की तुलना में कैटलन को छोटा माना जाता है। फिर भी इस खोज को काफी अहम करार दिया जा रहा है। 

लंबे समय से की जा रही थी खोज

समुद्र के अंदर कैटलन गैस फील्ड इजरायल के आर्थिक जल क्षेत्र के तहत आता है। इससे अलग एफ्रोडाइट क्षेत्र ज्यादातर साइप्रस के प्रादेशिक जल में है। एनर्जेन ने साल 2016 में भूमध्य सागर में इजरायल के आर्थिक जल में स्थित कारिश और तानिन प्राकृतिक गैस क्षेत्रों का अधिग्रहण किया था। सरकार ने घरेलू ऊर्जा बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की मांग की थी। करीश क्षेत्र से उत्पादन अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ।

2004 में पहली बार मिला था नेचुरल गैस का भंडार

साल 2004 में इजरायल के तट पर पहली बार प्राकृतिक गैस का भंडार मिला था। तब से देश के राजस्व में करीब 20 अरब इजरायली शेकेल यानी 5.35 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। साल 2022 में, इजरायल को अपने अपतटीय गैस क्षेत्रों का दोहन करने वाली कंपनियों से रॉयल्टी में 1.7 अरब शेकेल यानी 45.5 लाख डॉलर हासिल हुए थे। 

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