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ईरान ने किया बहरीन और कुवैत में हमले का दावा, अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने की भी बात कही

अमेरिका के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों तथा अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Iran US conflict, US airstrikes on Iran, Bahrain US military base- India TV Hindi
Image Source : AP REPRESENTATIONAL ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है।

तेहरान: अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी प्रांतों में किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान ने कहा कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है। इसके साथ ही ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर प्रांत के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरानी सेना ने बताया कि बुधवार तड़के सेना के ड्रोन ने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य बलों के जमावड़े को निशाना बनाया।

'अमेरिकी पांचवें बेड़े के ठिकानों पर हमला'

ईरानी सेना के बयान में कहा गया, 'अमेरिकी दुश्मन द्वारा देश के दक्षिणी क्षेत्रों पर किए गए हमले के बाद हमारी सेना के ड्रोन ने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी बलों के ठिकानों पर हमला किया।' इससे पहले ईरान की IRGC ने दावा किया कि उसने नौसेना और एयरोस्पेस बलों के संयुक्त अभियान में बहरीन और कुवैत में 85 महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। IRGC ने कहा कि उसके मिसाइल और ड्रोन हमलों में बहरीन के सलमान पोर्ट, वहां तैनात अमेरिकी पांचवें बेड़े के ठिकानों और कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा

आईआरजीसी के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना की ओर से बुधवार तड़के किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान के एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम ने बुशेहर प्रांत के खोरमुज क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। प्रवक्ता ने कहा,

'अमेरिकी सेना की हवाई आक्रामक कार्रवाई के बाद हमारे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने MQ-9 ड्रोन को निशाना बनाकर गिरा दिया।'

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अमेरिका ने ईरान में किए थे ताबड़तोड़ हमले

ईरान की यह जवाबी कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को पुष्टि की थी कि उसने 7 जुलाई को ईरान के भीतर 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर सटीक हथियारों से हमले किए। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की समुद्री हमलावर क्षमता को कमजोर करना था। कार्रवाई के दौरान कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, वायु रक्षा प्रणाली, तटीय रडार, जहाज रोधी मिसाइल ठिकानों और IRGC की 60 से ज्यादा छोटी नौकाओं को निशाना बनाया गया।

जहाजों पर हमले के बाद हुई अमेरिकी कार्रवाई

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की वजह होरमुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यापारिक तेल टैंकरों पर ईरान के हमले थे। अमेरिका का कहना है कि इस बड़े सैन्य अभियान का मकसद ईरान की उस क्षमता को खत्म करना था, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही में बाधा डाल रहा था। अमेरिका ने जिन जहाजों का जिक्र किया, उनमें मार्शल द्वीप के झंडे वाला एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के झंडे वाला एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के झंडे वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं।

हमलों के बाद फिर बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव

बता दें कि जून के अंत में दोनों देशों के बीच भीषण सैन्य टकराव के बाद एक अंतरिम समझौते (MoU) के तहत संघर्ष अस्थायी रूप से थम गया था। लेकिन ताजा अमेरिकी हमलों और उसके बाद ईरान के जवाबी सैन्य दावों ने एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। फिलहाल अमेरिका ने ईरान के इन ताजा दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने क्षेत्र में बड़े सैन्य संघर्ष की आशंकाओं को फिर से तेज कर दिया है।

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