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परमाणु कार्यक्रम के लेकर यूरोपीय देशों और ईरान के बीच समाप्त हुई बैठक, जानें हुआ क्या

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर यूरोपीय देशों और तेहरान के बीच अहम वार्ता हुई है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बैठक में परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों की स्थिति पर चर्चा हुई है।

Talks Between Iranian and European Diplomats in Istanbul Ended.- India TV Hindi
Image Source : AP Talks Between Iranian and European Diplomats in Istanbul Ended.

इस्तांबुल: ईरानी और यूरोपीय राजनयिकों के बीच इस्तांबुल में बातचीत समाप्त हो गई है। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर गतिरोध को दूर करने के लिए फिर से बैठक करने पर सहमति व्यक्त की। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधि ईरानी वाणिज्य दूतावास भवन में वार्ता के लिए एकत्र हुए थे। चार घंटे तक चली वार्ता ईरान पर प्रतिबंध लगाने की संभावना पर केंद्रित थी, जिन्हें 2015 में तब हटाया गया था जब ईरान ने यह स्वीकार किया था कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध और निगरानी रखी जा सकती है। 

ईरान पर बना हुआ है प्रतिबंधों का खतरा

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि “गंभीर, स्पष्ट और विस्तृत” बैठक में परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया साथ ही आगे की चर्चा पर सहमति व्यक्त की गई। वार्ता की संवेदनशीलता के कारण नाम नहीं बताने की शर्त पर यूरोपीय देश के एक राजनयिक ने बताया कि ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने की संभावना अब भी बनी हुई है। इसे ‘स्नैपबैक’ कहा जाता है, जिसका मतलब है कि अगर ईरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता तो पहले हटाए गए प्रतिबंध तुरंत फिर से लागू किए जा सकते हैं। 

'ईरान ईमानदारी से बातचीत करे'

यूरोपीय देश के राजनयिक ने कहा, ‘‘स्नैपबैक (प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने) की प्रक्रिया शुरू करने में संभावित देरी का प्रस्ताव ईरान को दिया गया है लेकिन इसके बदले शर्त यह रखी गई है कि ईरान ईमानदारी से कूटनीतिक बातचीत करे, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करे और अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर हो रही चिंताओं का समाधान करे।’’ यूरोपीय देशों के नेताओं ने कहा कि यदि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने में कोई प्रगति नहीं हुई तो अगस्त के अंत तक प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए जाएंगे। 

'ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं'

इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा था कि ईरान की भागीदारी कुछ अहम सिद्धांतों पर निर्भर करती है जिनमें एक यह भी है कि ‘‘अमेरिका पर ईरान का भरोसा दोबारा कायम किया जाए क्योंकि फिलहाल ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।’’ उन्होंने बृहस्पतिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि वार्ता का इस्तेमाल ‘‘सैन्य कार्रवाई जैसे छिपे एजेंडे के लिए एक मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।’’ 

ईरान ने दी है धमकी

ईरान ने कई बार धमकी दी है कि यदि उस पर प्रतिबंध वापस लगाए गए तो वह परमाणु अप्रसार संधि से हट जाएगा। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा था कि इजरायल और अमेरिका के हाल के हमलों के बाद देश का परमाणु उद्योग ‘‘फिर से बढ़ेगा और फलेगा-फूलेगा।’’ (एपी)

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