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Hindi News विदेश एशिया Iran Protests: ईरानी सरकार ने देश के कई हिस्सों में इंटरनेट किया बंद, जिसके बाद एलन मस्क ने उठाया बड़ा कदम

Iran Protests: ईरानी सरकार ने देश के कई हिस्सों में इंटरनेट किया बंद, जिसके बाद एलन मस्क ने उठाया बड़ा कदम

Iran Protests: ईरान की सरकार ने तेहरान सहित देश की 20 प्रमुख यूनिवर्सिटी को बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का ऐलान किया है। विद्यार्थियों को बिना इंटरनेट क्लासेज लेने में समस्याएं आ रही हैं। ईरान में शुक्रवार से ही दो साल के बाद नया अकादमिक साल शुरू हुआ है।

Iran Protests- India TV Hindi Image Source : AP Iran Protests

Highlights

  • 5 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
  • हिजाब न पहनने पर 22 वर्षीय माहसा की मौत पर बवाल
  • ईरानी सरकार ने कई जगहों पर इंटरनेट बंद कर दिया है

Iran Protests: ईरान में हिजाब विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। हिजाब विरोधी प्रदर्शनों में कई लोगों की जाने भी जा चुकी हैं। सैंकड़ों लोग घायल हैं लेकिन सरकार और प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हो रहे हैं। बढ़ते विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए ईरानी सरकार ने कई जगहों पर इंटरनेट बंद कर दिया है। जहां इंटरनेट बंद नहीं किया गया है वहां पर इसकी स्पीड स्लो कर दी गई है। 

मस्क ईरान में देंगे इंटरनेट की सुविधा 

वहीं ईरानी सरकार ने इस कदम के बाद  टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस ‘स्टारलिंक’ को ईरान के लिए खोलने का ऐलान किया है। मस्क का ये कदम ईरान में हिजाब का विरोध कर रही महिलाओं के लिए फायदेमंद सबित होगा सकता है। अमेरिका की बाइडेन सरकार ने मस्क को ईरान के लिए सैटेलाइट सर्विस खोलने के लिए आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

Image Source : APElon Musk

5 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

ईरान की सरकार ने तेहरान सहित देश की 20 प्रमुख यूनिवर्सिटी को बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का ऐलान किया है। विद्यार्थियों को बिना इंटरनेट क्लासेज लेने में समस्याएं आ रही हैं। ईरान में शुक्रवार से ही दो साल के बाद नया अकादमिक साल शुरू हुआ है। सरकार ने अब तक लगभग 5 हजार से ज्यादा हिजाब विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।

हिजाब न पहनने पर 22 वर्षीय माहसा की मौत पर बवाल

 माहसा अमीनी (22) को हिजाब सही तरीके से नहीं पहनने को लेकर 13 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। पुलिस हिरासत में तीन दिनों बाद उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने उसकी मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया था। इसके बाद, जनाक्रोश पैदा हो गया। अमीनी को 17 सितंबर को दफन किये जाने के बाद प्रदर्शन शुरू हुए और यह दर्जनों शहरों में फैल गये हैं। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, कम से कम 11 लोग मारे गये हैं। धीरे-धीरे यह मामला संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच गया है। खास बात है कि अमेरिका भी इरानी महिलाओं के पक्ष में आ गया है। मानवाधिकार संगठन भी इरान सरकार की इस मामले में निंदा कर रहे हैं।

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