Iran-US War: ईरान के खिलाफ 1 महीने से चल रहे युद्ध का कोई नतीजा नहीं निकलते देख अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई तैयारी शुरू कर दी है। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने वाशिंगटन पोस्ट के हवाले कहा कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ईरान में हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। दावा है कि पेंटागन ईरान में जमीनी ऑपरेशन के विकल्प तैयार कर रहा है। ये ऑपरेशन पूर्ण पैमाने के आक्रमण से कम होंगे, लेकिन इसमें हजारों सैनिक शामिल हो सकते हैं और ये हफ्तों या महीनों तक चल सकते हैं।
रिपोर्ट में नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी इनमें से किसी भी योजना को मंजूरी नहीं दी है। व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट पर टिप्पणी के लिए पूछे जाने पर कहा कि पेंटागन राष्ट्रपति को “अधिकतम विकल्प” उपलब्ध कराने के लिए काम करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति ने कोई फैसला ले लिया है। पोस्ट के अनुसार, संभावित ऑपरेशन में स्पेशल फोर्सेज और नियमित इन्फैंट्री का मिश्रण शामिल हो सकता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तटीय इलाकों में विस्तारित छापेमारी करेगा।
क्या है पेंटागन के जमीनी ऑपरेशन का मकसद
अमेरिका के जमीनी ऑपरेशन का मकसद तेहरान में इस्लामिक रिपब्लिक द्वारा नियंत्रित द्वीपों पर कब्जा करना और उन्हें लंबे समय तक अपने नियंत्रण में रखना भी शामिल हो सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र पर कब्जा बनाए रखने से अमेरिकी सैनिकों को अब तक के युद्ध में जितना खतरा हुआ है, उससे कहीं ज्यादा खतरा होगा। इस युद्ध में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं। संभावित ऑपरेशनों का समय पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एक सूत्र ने बताया कि विचाराधीन उद्देश्यों को हासिल करने में “हफ्ते लगेंगे, महीने नहीं”, जबकि दूसरे ने अनुमान लगाया कि ऑपरेशन “कुछ महीनों” तक चल सकते हैं।
IRGC ने दी है अमेरिका को धमकी
वहीं इन रिपोर्टों के बीच ईरान ने दुश्मनों के साथ जंग और तेज कर दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मध्य पूर्व में अमेरिकी विश्वविद्यालयों को धमकी दी है। IRGC ने कहा है कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारी, प्रोफेसर और छात्र तथा आसपास के इलाकों के निवासी कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर (0.6 मील) दूर रहें। अमेरिका के कई विश्वविद्यालय खाड़ी क्षेत्र में फैले हुए हैं, जैसे कतर में टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी और संयुक्त अरब अमीरात में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी। ईरान के हमले शुक्रवार रात और शनिवार को तेहरान समेत कई जगहों पर हमले हुए। राजधानी के उत्तर-पूर्व में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हमला हुआ, जिसमें इमारतों को नुकसान पहुँचा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इस बीच ईरानी शासन ने पड़ोसी अरब देशों और इजरायल पर हमले जारी रखे।
गालिबाफ ने अमेरिका को दी धमकी
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि ईरानी बल "अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर उतरते ही उनका स्वागत आग से करने और उनके क्षेत्रीय साथियों को हमेशा के लिए सजा देने के लिए तैयार हैं।" गालिबाफ ने कहा, “हमारी गोलीबारी जारी है। हमारे मिसाइल तैयार हैं। हमारा संकल्प और विश्वास और बढ़ गया है।” ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने अमेरिका को जमीन पर आक्रमण (ग्राउंड इन्वेजन) करने से साफ चेतावनी दी और कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरानी धरती पर उतरे तो अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्र में उनके सहयोगियों के खिलाफ भारी प्रतिशोध लिया जाएगा।
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