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ईरान ने अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई के समर्थक देशों को दी 'युद्ध' की चेतावनी, कहा- मुंह तोड़ करेंगे पलटवार

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध पर मोहसिन रेजाई ने बड़ा बयान दिया है। ईरानी कट्टर नेता ने कहा कि ट्रंप अगर कुछ करना चाहते हैं तो हम भी उन्हें मुंह तोड़ जवाब देंगे।

Mohsen Rezaei - India TV Hindi
Image Source : AP ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेजाई

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को लेकर दोनों ओर से बयानबाजी हो रही है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने रविवार को चेतावनी दी है। रेजाई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का समर्थन करने वाले किसी भी देश के कदम को 'युद्ध' माना जाएगा। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन का बचाव किया। 

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह चेतावनी दी। उन्होंने सरकारी प्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, 'अगर (डोनाल्ड ट्रंप) कुछ करना चाहते हैं, तो हम भी मुंह तोड़ पलटवार करेंगे।' 

असीम मुनीर कर सकते हैं ईरान की यात्रा

दूसरी ओर, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। इस बीच, मध्यस्थों के जरिए वार्ता फिर शुरू कराने के प्रयासों के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी सोमवार को ईरान की यात्रा कर सकते हैं। 

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने अपनी खबर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर सोमवार को तेहरान पहुंचेंगे और एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। 

होर्मुज स्ट्रेट हमलों में आई कमी

इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट में हमलों में कमी आई है, लेकिन दोनों पक्षों की बयानबाजी जारी है। हाल ही में गठित एक ईरानी प्राधिकरण ने ढेरों ऐसे जहाजों की सूची जारी की है, जिन्हें भविष्य में इस मार्ग से गुजरने पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मध्य जून में हुए समझौता ज्ञापन का बचाव करते हुए रविवार को कहा कि यह 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति से बाहर निकलने और मौजूदा गतिरोध को तोड़ने का सबसे बेहतर विकल्प था। 

आत्मसमर्पण का नहीं कोई प्रावधान

उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू हुए करीब 6 महीने बीत जाने के बावजूद तेहरान विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफल नहीं हो पा रहा है। पेजेश्कियान ने अपने भाषण में कहा, 'इस समझौते में ऐसा एक भी प्रावधान नहीं है, जिसे आत्मसमर्पण के रूप में देखा जा सके। सर्वोच्च नेता नीतियां तय करते हैं और हम उन्हीं के निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।' सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने भाषण प्रकाशित किया है। (एपी के इनपुट के साथ)

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