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ईरान की दो टूक- "युद्ध छिड़े या न छिड़े, नहीं बदलेंगी हमारी नीतियां", Strait of Hormuz को लेकर कहा- स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि 40 दिनों के युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जल्द हमले की संभावना जताई है।

Abbas Araghchi- India TV Hindi
Image Source : PTI ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की आशंकाओं के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि चाहे कोई और युद्ध छिड़े या न छिड़े, ईरान की नीतियां वैसी ही बनी रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या कोई अन्य देश दोबारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने की कोशिश करता है, तो यह पूरी तरह अविवेकपूर्ण कदम होगा। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, अराघची ने यह बयान तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान दिया।

"होर्मुज की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी"

ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव ला दिया है और अब पश्चिम एशिया में एक नई वास्तविकता स्थापित हो चुकी है। अराघची ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य 40 दिनों के युद्ध से पहले जैसा नहीं रहेगा।" उन्होंने इस संघर्ष को क्षेत्रीय इतिहास का निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि युद्ध ने क्षेत्र की पूरी सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, "इस युद्ध का अंत सभी मोर्चों पर होना चाहिए।" उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान संघर्ष का समाधान केवल किसी एक मोर्चे तक सीमित रखने के बजाय व्यापक स्तर पर चाहता है।

ईरान का दावा- 80 से अधिक अमेरिकी विमान नष्ट किए

अराघची ने युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक, ईरानी बलों ने संघर्ष के दौरान 80 से अधिक अमेरिकी विमानों और लड़ाकू विमानों को नष्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से लगभग सभी विमानों को जमीन पर रहते हुए मिसाइलों से निशाना बनाया गया। ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिकाने तबाह हो गए और वहां मौजूद सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा।

ट्रंप की चेतावनी- ईरान पर जल्द हो सकता है हमला

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ जल्द सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फ्लोरिडा में मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। इस पर ट्रंप ने कहा, "क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा? शायद कल... इसकी संभावना है। यह भी संभव है कि हमारे बीच एक अच्छा, बड़ा और शानदार समझौता हो जाए।"

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन मुख्य सवाल यह है कि क्या वह समझौते का पालन करेगा। उन्होंने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए अमेरिकी नौसेना और सेना की तारीफ की। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के सभी लड़ाकू विमान निष्क्रिय कर दिए गए हैं और 259 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए वहां रिकॉर्ड महंगाई होने की बात भी कही।

होर्मुज पर समझौते की खबर को ईरान ने बताया फर्जी

इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने से जुड़े कथित प्रस्ताव की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से संबद्ध समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के सामने कोई नया प्रस्ताव नहीं रखा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सऊदी अरब के एक मीडिया संस्थान द्वारा प्रकाशित यह खबर कि तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को ऐसा प्रस्ताव भेजा है, "झूठ और मनगढ़ंत कहानी" है।

इससे पहले खबर आई थी कि ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का प्रस्ताव रखा है। ईरानी समाचार चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, तस्नीम से बात करने वाले सूत्रों ने इस रिपोर्ट को गलत बताया। ईरान और अमेरिका के बीच एक ओर सैन्य कार्रवाई की चेतावनियां जारी हैं, तो दूसरी ओर संभावित समझौते को लेकर भी बयान सामने आ रहे हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव का अहम केंद्र बनी रह सकती है।

(इनपुट- ANI)

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