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चीन में SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे जयशंकर, LAC गतिरोध के बाद होगी पहली बीजिंग यात्रा

जयशंकर की चीन यात्रा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि यह दोनों देशों के बीच संचार के रास्ते खोलने और कूटनीतिक प्रयासों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक कदम हो सकती है।

एस जयशंकर, विदेश मंत्री। - India TV Hindi
Image Source : PTI एस जयशंकर, विदेश मंत्री।

बीजिंग: भारत के विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर अगले सप्ताह चीन के तियानजिन शहर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि की है। लद्दाख में जून 2020 में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक सैन्य झड़प के बाद जयशंकर की यह पहली बीजिंग यात्रा होगी।

कब होगी एससीओ की बैठक

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार SCO विदेश मंत्रियों की बैठक 15 जुलाई को तियानजिन में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी मेज़बानी करेंगे। इसमें सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री और संगठन के स्थायी निकायों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में एससीओ सहयोग और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।"

एससीओ में कितने सदस्य देश हैं?

SCO में 10 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें भारत, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस का नाम शामिल है। 

चीन के साथ भारत की हो सकती है द्विपक्षीय वार्ता

रिपोर्टों के मुताबिक जयशंकर 13 जुलाई को बीजिंग पहुंच सकते हैं, जहां उनकी वांग यी से द्विपक्षीय वार्ता होने की भी संभावना है। जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और चीन के बीच संबंध पूर्वी लद्दाख में 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। इस वार्ता में एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर तनाव में कमी, महत्वपूर्ण धातुओं के निर्यात पर चीन की रोक, द्विपक्षीय व्यापार और रणनीतिक सहयोग, सीमा विवाद के समाधान के लिए तंत्र को पुनः सक्रिय करने जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। 

पिछले महीने राजनाथ ने की थी चीन यात्रा

जयशंकर की इस यात्रा से पहले पिछले माह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी चीन की यात्रा की थी। वह जून में चीन के चिंगदाओ में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की भी चीन यात्रा हो चुकी है। इन बैठकों में भारत ने चीन से "जटिल मुद्दों के समाधान के लिए रोडमैप" की मांग की थी, जिसमें सीमा तनाव कम करने और सीमांकन प्रक्रिया को फिर से सक्रिय करने पर जोर दिया गया था।

चीन के विदेश मंत्री भी आएंगे भारत

संकेत मिल रहे हैं कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी इस महीने भारत की यात्रा कर सकते हैं, जहां वे एसआर (स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव) स्तरीय सीमा वार्ता के तहत डोभाल से मिल सकते हैं। दोनों देश अब तक 23 दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। वर्तमान में चीन SCO का अध्यक्ष है और इसी हैसियत से वह संगठन की विभिन्न बैठकों की मेज़बानी कर रहा है। (भाषा)

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