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कराची में कौन कर रहा है अंधाधुंध फायरिंग? दहशत में पूरा शहर, 3 दिन में 9 लोग घायल

पाकिस्तान के कराची में 3 दिनों के भीतर अंधाधुंध फायरिंग की कई घटनाओं में 9 लोग घायल हो गए, जिससे शहर में दहशत फैल गई है। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है, लेकिन हमलावरों का पता नहीं चल पाया है।

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Image Source : AP REPRESENTATIONAL पाकिस्तान के कराची में अंधाधुंध फायरिंग से लोग दहशत में है।

कराची: पाकिस्तान के सबसे बड़ शहर कराची में इन दिनों अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं ने लोगों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है। पिछले 3 दिनों में ऐसी घटनाओं में कम से कम 9 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अब न बाहर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और न ही अपने घरों के अंदर। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का दावा है कि कुल अपराध दर में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद बेतरतीब फायरिंग की घटनाएं लगातार जारी हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

गोलियां चलाने वाले के बारे में कुछ पता नहीं

अधिकारियों ने बताया कि इन घटनाओं की जांच जारी है, लेकिन गोलियां कहां से चलाई गईं, यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से दोषियों तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है। सबसे गंभीर घटना में 22 साल के अयान को कोरंगी 5 के गाउस पाक रोड के पास सीने में गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे रेस्क्यू टीम ने तुरंत जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर पहुंचाया। अन्य घटनाओं में 45 साल की शेरीना बालदिया 24 में घायल हुईं, जबकि 52 साल की जमीला बेगम को लियाकताबाद 10 के अल-अजम स्क्वायर में गोली लगी।

फायरिंग का निशाना हर वर्ग और हर उम्र के लोग

हिंसा की ये घटनाएं शहर के कई इलाकों में हो रही हैं। 27 साल के बिलाल अहमद नॉर्थ कराची में घायल हुए, जबकि 12 साल के मुजम्मिल को चाकीवाड़ा में बस स्टॉप के पास गोली लगी। 30 साल के मुर्तजा न्यू कराची के गाबोल टाउन में घायल हुए और 28 साल नौमान उस्मान पार्क के पास गोली का शिकार बने। इसके अलावा 74 साल के बुजुर्ग नसीर पापोश नगर में घायल हुए, जबकि 39 साल की नजमा ओरंगी टाउन में जख्मी हुईं। इन घटनाओं से साफ है कि इस तरह की फायरिंग का निशाना हर वर्ग और हर उम्र के लोग बने हैं।

फायरिंग को रोकने में नाकाम रही हैं एजेंसियां

पुलिस के मुताबिक, ये सभी घटनाएं 4 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच हुईं और ज्यादातर मामलों में गोलियां अज्ञात स्थानों से चलाई गई हैं। स्थानीय लोगों ने इन घटनाओं को लेकर गुस्सा और डर दोनों जताया है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियां इस तरह की फायरिंग को रोकने में नाकाम रही हैं। लोगों का मानना है कि यह स्थिति सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी को दिखाती है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।

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