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Myanmar Earthquake: म्यांमार भूकंप में भारत की मदद के अमेरिका तक चर्चे, न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी तारीफ

म्यांमार में आए महाविनाशकारी भूकंप में भारत प्रथम मददकर्ता बनकर उभरा है। भारत ने अपने वायुसेना के 2 विमानों और नौसेना के 2 पोतों को म्यांमार के लिए रवाना कर दिया है। इसमें एनडीआरएफ की 80 सदस्यीय टीम भी शामिल है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में भारतीय मदद का जिक्र। - India TV Hindi
Image Source : AP न्यूयॉर्क टाइम्स में भारतीय मदद का जिक्र।

वाशिंगटन/नेपीडॉ: म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप में भारत एक बार फिर "फर्स्ट रेस्पांडर" यानि प्रथम मददकर्ता बनकर उभरा है। भारत ने "ऑपरेशन ब्रह्मा" के तहत म्यांमार के भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारतीय नौसेना के दो जहाज नेपीडॉ के लिए रवाना कर दिया है। साथ ही आपदा राहत सामग्री के साथ दो और जहाज भेज रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ पर कहा कि आगरा से 118 सदस्यों वाला ‘फील्ड हॉस्पिटल’ शनिवार को म्यांमार भेजा जाएगा। इसके साथ ही राहत और बचाव कार्यों के लिए 80 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम भी म्यांमार को रवाना हो गई है। मानवता के इस महायज्ञ में हमेशा की तरह सबसे बढ़चढ़कर आहुति देने के लिए अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स में भारतीय सहायता की इस पहल को प्रमुखता से छापा गया है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सैन्य शासक से फोन पर बात करने के बाद तत्काल भारतीय मदद को रवाना कर दिया। म्यांमार में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता के भूकंप में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही सैकड़ों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इसलिए भारत ने राहत और बचाव एवं खोज कार्यों में तेजी लाने व घायलों के इलाज के लिए अपनी टीम म्यांमार भेज दी है। राहत और रशद सामग्री भी शीघ्र भेजी जा रही है। ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ पर विदेश मंत्रालय ने कहा, सबसे पहले मदद करना हमारी नीति है।

म्यांमार में कोई भारतीय हताहत नहीं

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि  म्यांमार में आए भूकंप में भारतीय समुदाय के किसी सदस्य के हताहत होने की अभी तक कोई सूचना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत भूकंप प्रभावित म्यांमार में राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 80 कर्मियों की टीम रवाना कर चुका है। ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत एनडीआरएफ कर्मियों को पड़ोसी देश की सहायता के लिए मजबूत ‘कंक्रीट कटर’, ‘ड्रिल मशीन’, ‘हथौड़े’ आदि जैसे भूकंप बचाव उपकरणों के साथ भेजा जा रहा है।

वायुसेना के 2 विमानों से रवाना हुई टीम

भारत ने ‘कुल 80 एनडीआरएफ कर्मियों की एक टीम को गाजियाबाद के हिंडन से भारतीय वायुसेना के दो विमानों के साथ म्यांमार को रवाना कर दिया है। राहत टीम के आज शनिवार की शाम तक वहां पहुंचने की उम्मीद है।’’ दिल्ली के निकट गाजियाबाद में तैनात एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन के कमांडेंट पी के तिवारी यूएसएआर (शहरी खोज और बचाव) टीम का नेतृत्व करेंगे। अधिकारी ने बताया कि टीम खोजी कुत्तों को भी साथ ले जा रही है। अमेरिका के प्रमुख अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में भारत की इस मदद को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। म्यांमार और उसके पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार को भीषण भूकंप आने से इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए।

तुर्की और नेपाल के भूकंप में भी भारत बना था प्रथम मददकर्ता

भारत ने इससे पहले 2015 में नेपाल और 2023 में तुर्की में आए भूकंप के दौरान भी एनडीआरएफ दल को राहत कार्यों के लिए भेजा था। इसके अलावा, भारत ने शनिवार को 15 टन राहत सामग्री भी म्यांमार भेजी। यह सामग्री भारतीय वायु सेना के सी130जे सैन्य परिवहन विमान के जरिए म्यांमा के यांगून शहर भेजी गयी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को म्यांमा और थाईलैंड में भीषण भूंकप के कारण उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत दोनों देशों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। भारत और म्यांमा के बीच 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। (इनपुट-विदेश मंत्रालय व न्यूयॉर्क टाइम्स)

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