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Hindi News विदेश एशिया पाकिस्तान आर्मी ने राष्ट्रपति अल्वी को धमकाया, चुनाव की तारीख घोषित करने से रोका, आर्मी चीफ पहुंचे प्रेसिडेंट हाउस

पाकिस्तान आर्मी ने राष्ट्रपति अल्वी को धमकाया, चुनाव की तारीख घोषित करने से रोका, आर्मी चीफ पहुंचे प्रेसिडेंट हाउस

पाक आर्मी और शहबाज शरीफ गठबंधन यह चाहता है कि जितना हो सके चुनाव टाले जाएं। वहीं इमरान खान चाहते थे कि नियत समय पर चुनाव हों। इमरान समर्थक अल्वी ऐसा कुछ न कर दें, इसी लिए पाक आर्मी ने उन्हें घेरा है।

पाकिस्तान आर्मी ने राष्ट्रपति अल्वी को धमकाया, चुनाव की तारीख घोषित करने से रोका, आर्मी चीफ पहुंचे प- India TV Hindi Image Source : FILE पाकिस्तान आर्मी ने राष्ट्रपति अल्वी को धमकाया, चुनाव की तारीख घोषित करने से रोका, आर्मी चीफ पहुंचे प्रेसिडेंट हाउस

Pakistan News: पाकिस्तान में राजनीतिक उथलपुथल जारी है। इमरान खान के जेल में जाने के बाद भी ये उथल पुथल नहीं थमी है। अब राष्ट्रपति और पाकिस्तान की आर्मी के बीच ठन गई है। क्योंकि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी इमरान खान समर्थक माने जाते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति अल्वी को पाक आर्मी ने अपने घेरे में ले लिया है। यह कदम अल्वी को चुनावी तिथियां घोषित करने से रोकने के लिए उठाया गया है। पाक आर्मी और शहबाज शरीफ गठबंधन यह चाहता है कि जितना हो सके चुनाव टाले जाएं। वहीं इमरान खान चाहते थे कि नियत समय पर चुनाव हों। इमरान समर्थक अल्वी ऐसा कुछ न कर दें, इसी लिए पाक आर्मी ने उन्हें घेरा है। 

‎राष्ट्रपति भवन की चौथी मंजिल पर‎ स्थित राष्ट्रपति के दफ्तर को शनिवार को नाटकीय घटनाक्रम के तहत पूरी तरह ‎से खाली करा लिया गया था। वहां मौजूद ‎स्टाफ को दफ्तर से निकल जाने के ‎लिए कह दिया गया। सेना प्रमुख‎ असीम मुनीर और ISI के‎ DG जनरल नदीम अंजुम के वहां‎ पहुंचने से पहले पाकिस्तानी आर्मी ने‎ भवन की चौथी मंजिल को अपने कब्जे‎ में ले लिया। इसकी पुष्टि राष्ट्रपति भवन‎ के एक अधिकारी ने की है। दरअसल, ‎शुक्रवार को आर्मी चीफ और ‎ISI DG को भनक लगी कि ‎शनिवार को राष्ट्रपति अल्वी चुनाव की ‎तारीखों का ऐलान करने वाले हैं। ‎इसलिए वे राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे‎ और उन्हें ऐसी कोई भी घोषणा करने‎ से रोक दिया।

संविधान के मुताबिक 90 दिन में होने हैं चुनाव

सूत्रों के मुताबिक यह ‎बैठक तल्ख रही और राष्ट्रपति के साथ‎ उचित व्यवहार नहीं किया गया। एक ‎वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं‎ कि पाकिस्तान के संविधान के‎ मुताबिक मौजूदा हालात को देखते हुए ‎90 दिनों में चुनाव हो जाने चाहिए।‎ अगर राष्ट्रपति अल्वी चुनाव की‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ घोषणा कर देते तो इससे पूर्व PM‎ इमरान खान के खिलाफ चल रहे‎ अभियान को बड़ा झटका लगता। सूत्रों‎ के मुताबिक राष्ट्रपति द्वारा जल्द ही ‎चुनाव की तारीखों का ऐलान करने की‎ खबर भीतर खाने से लीक की गई है, ‎ताकि पाकिस्तानी सेना इमरान की पार्टी‎ पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ‎ (PTI) पर दबाव बनाकर उसे‎ बातचीत की मेज तक ले आए।‎

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