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गजब निर्लज्ज निकला पाकिस्तान, Iran-US में पहली बैठक फेल होने के बाद भी इस्लामाबाद को अभी दूसरे दौर के वार्ता की उम्मीद

Iran-US Peace Talks: ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता कराने के लिए चौधरी बन रहे पाकिस्तान को पहले दौर की बैठक बेनतीजा रहने पर बड़ा झटका लगा है। ईरान और अमेरिका का डेलीगेशन एक दूसरे से नाराज होकर अपने-अपने देश चला गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और टीम। - India TV Hindi
Image Source : PTI पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और टीम।

Iran-US Peace Talks: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली शांति वार्ता अपने पहले चरण में ही फेल हो गई है। इससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर को भारी बेइज्जती का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद पाकिस्तान को अभी ईरान-अमेरिका में अगले दौर की वार्ता की उम्मीद है। फिलहाल अमेरिका और ईरान का डेलीगेशन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अपने-अपने देश लौट चुका है। 

पाकिस्तान की मध्यस्थता को लगा झटका

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता पहले पाकिस्तान के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से हुई और बाद में दोनों पक्षों के बीच प्रत्यक्ष तौर पर हुई। यह जानकारी रविवार को आधिकारिक सूत्रों ने दी। सूत्रों ने बताया कि पूरे प्रक्रिया में पाकिस्तान हर चरण में शामिल रहा। वार्ता की शुरुआत शनिवार को अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मुलाकातों से शुरू हुई। इसके बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ कर रहे थे, जबकि अमेरिकी टीम की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। इसके बाद दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता शुरू हुई, जो पाकिस्तानी अधिकारियों की मौजूदगी में करीब ढाई घंटे तक चली। अगले चरण में एक घंटे का ब्रेक लिया गया और दोनों पक्षों द्वारा रखी गई मांगों के तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञ स्तर पर चर्चा की गई। मगर आखिर में वार्ता फेल होने पर पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा।

ईरान-अमेरिका रहे जिद पर अड़े

पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच तकनीकी मुद्दों पर संदेशों का आदान-प्रदान रात तक करता रहा। हालांकि रविवार सुबह तक यह स्पष्ट हो गया कि दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को पाटा नहीं जा सकता। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान अगले के दौर की वार्ताओं की उम्मीद बनाए हुए है, हालांकि अभी तक कोई तारीख या स्थान तय नहीं किया गया है। पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि वह आगे भी मध्यस्थ की भूमिका निभाती रहेगी। पाकिस्तान को अभी उम्मीद है कि वार्ताएं विवाद को सुलझाने की दिशा में एक कदम साबित होंगी।

ईरान और अमेरिका पक्ष से ये रहे शामिल

इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता में अमेरिकी पक्ष से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर और मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे, जबकि ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। यह 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान और अमेरिका के बीच पहली प्रत्यक्ष उच्च-स्तरीय वार्ता थी। फेस-टू-फेस वार्ता के बाद कोई समझौता न हो पाने से दो सप्ताह के नाजुक सीजफायर के भी टूटने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावनाएं भी प्रभावित हुई हैं। 

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