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BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने पुतिन आ सकते हैं भारत, द्विपक्षीय रिश्तों को मिलेगी और ताकत

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन 1 साल में दूसरी बार भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। क्रेमलिन के सूत्रों के अनुसार वह सितंबर 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शरीक होने नई दिल्ली आएंगे।

पीएम मोदी (बाएं) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (दाएं)- India TV Hindi
Image Source : AP पीएम मोदी (बाएं) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (दाएं)

मॉस्कोः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस साल भारत आ सकते हैं। वह सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने आएंगे। क्रेमलिन के सूत्रों के अनुसार यह एक साल से भी कम समय में पुतिन की दूसरी भारत यात्रा  होगी। बता दें कि भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। 

चौथी बार भारत कर रहा ब्रिक्स की मेजबानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सम्मेलन सितंबर में (संभावित रूप से 12-13 सितंबर) आयोजित होगा। भारत BRICS की चौथी बार मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी मेजबानी कर चुका है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन "निश्चित रूप से" सम्मेलन में शामिल होंगे। रूसी समाचार एजेंसी TASS ने भी इस खबर की पुष्टि की है। भारत ने पुतिन को आधिकारिक निमंत्रण भेजा है और दोनों देशों के बीच कोई बाधा नहीं है।

ब्रिक्स में शामिल हैं ये देश

BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख उभरते अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। हाल के वर्षों में इस समूह का विस्तार हुआ है और नए सदस्य भी जुड़े हैं। यह मंच वैश्विक आर्थिक सहयोग, व्यापार वृद्धि, बहुपक्षीय सुधारों, ग्लोबल गवर्नेंस और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में विश्व स्तर पर अनिश्चितता, ऊर्जा संकट, व्यापार युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है। भारत की अध्यक्षता का थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है, जो लोगों-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित है। 

भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग पहले से ही मजबूत है। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी पुतिन भारत यात्रा की थी। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उन्होंने वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत की थी। अब BRICS सम्मेलन में पुतिन की उपस्थिति से ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूती मिलेगी। यह बैठक उभरती अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर देगी।

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