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सिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाना पड़ा महंगा, कोर्ट ने भारतीय मूल की महिला पर लगाया जुर्माना

सिंगापुर में भारतीय मूल की महिला पर वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत जुर्माना लगाया गया है। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने शहर के सबसे पुराने हाउसिंग एस्टेट में करीब छह महीनों में 9 बार कबूतरों को खाना खिलाया था।

सिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाने पर भारतीय मूल की महिला पर लगा जुर्माना (Representational Image)- India TV Hindi
Image Source : AP सिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाने पर भारतीय मूल की महिला पर लगा जुर्माना (Representational Image)

Singapore fine Over Feeding Pigeons: सिंगापुर में एक 71 वर्षीय भारतीय मूल की महिला पर जंगली पक्षियों को बिना अनुमति खाना खिलाने के लिए बुधवार को 3,200 सिंगापुर डॉलर (लगभग 2,518 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया गया। यह घटना शहर के सबसे पुराने हाउसिंग एस्टेट टोआ पेओह में हुई, जहां महिला ने लगभग छह महीनों में 9 बार कबूतरों को अनाज या ब्रेड खिलाया।

'कानून तोड़ रही थी महिला'

सनमुगनाथन शामला, जो सिंगापुर की नागरिक हैं और टोआ पेओह के ब्लॉक 62बी, लॉरॉन्ग 4 में रहती हैं, ने वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत चार आरोपों में दोष स्वीकार किया। पांच अन्य समान आरोपों को भी कोर्ट में विचार के लिए शामिल किया गया है। नेशनल पार्क्स बोर्ड (NParks) के अभियोजक ने अदालत को बताया कि शामला जानबूझकर कानून तोड़ रही थीं, क्योंकि उन्हें पहले ही इस अपराध के लिए सजा मिल चुकी थी।

2025 में भी लगा था जुर्माना

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल मई 2025 में शामला पर टोआ पेओह में अपने अपार्टमेंट के पास जंगली पक्षियों को खाना खिलाने और NParks के कबूतर पकड़ने के अभियान में बाधा डालने के लिए 1,200 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। उस समय उन्होंने कोर्ट में वादा किया था कि वो दोबारा ऐसा नहीं करेंगी, लेकिन महज एक महीने के भीतर ही वो अपनी पुरानी आदत पर लौट आईं। 

महिला ने 9 बार किया अपराध

नेशनल पार्क्स बोर्ड के अभियोजक ने कहा, "आरोपी आपके सामने एक बार-बार अपराध करने वाली के रूप में खड़ी है। वह कानून की लगातार अवहेलना करती रही है।" उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच शामला ने 9 बार यह अपराध दोहराया, जिसमें रात के समय भी कबूतरों को खाना खिलाने के मामले शामिल थे।

Image Source : apसिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाने पर भारतीय मूल की महिला पर लगा जुर्माना (Representational Image)

महिला ने किए खोखले वादे

नेशनल पार्क्स बोर्ड के अधिकारियों ने वीडियो फुटेज दिखाकर साबित किया कि उनके आसपास कबूतरों के झुंड इकट्ठा हो जाते थे। अभियोजक ने शामला की उम्र का जिक्र किया, लेकिन जोर दिया कि उनके खोखले वादे दिखाते हैं कि केवल एक सार्थक वित्तीय दंड ही उन्हें रोक सकता है। उन्होंने प्रति आरोप 800 से 1,000 सिंगापुर डॉलर के जुर्माने की मांग की। 

महिला ने जुर्माना भरने की कही बात

वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत बिना लिखित अनुमति के जंगली जानवरों को जानबूझकर खाना खिलाने के दोहराव वाले अपराध में प्रति आरोप अधिकतम 10,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है। शामला, जो बिना वकील के अदालत में पेश हुईं, ने अनुरोध किया कि जुर्माना 1,000 से 2,000 डॉलर के बीच रखा जाए। उन्होंने कहा कि वो बेरोजगार हैं, उनके पास मेडिकल इंश्योरेंस नहीं है और बाकी राशि सामुदायिक सेवा से चुकाना चाहेंगी। अंतिम फैसला सुनने के बाद उन्होंने घोषणा की कि वो उसी दिन पूरा जुर्माना भर देंगी।

सिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाना मना है

सिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाना इसलिए प्रतिबंधित है क्योंकि इससे पक्षियों की आबादी अनियंत्रित हो जाती है, जो बीमारियां फैला सकती हैं, संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं और सार्वजनिक स्वच्छता बिगाड़ती हैं। नेशनल पार्क्स बोर्ड नियमित रूप से ऐसे मामलों पर कार्रवाई करता है ताकि शहरी पर्यावरण और वन्यजीवों के बीच संतुलन बना रहे। 

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