सिंगापुर: सिंगापुर की सरकार ने अपने देश में 1 सितंबर से वैपिंग का इस्तेमाल करने वालों और इसके एटोमिडेट सप्लायर्स पर सख्त सज़ा लागू करने का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले ने हड़कंप मचा दिया है। अगर वैपिंग करते पकड़े गए तो देश से बाहर निकाला जा सकता है। विदेशी नागरिकों पर भी यही नियम लागू होगा। उनके पास रद्द किए जा सकते हैं, उन्हें देश से निकाला जा सकता है और दोबारा सिंगापुर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। आइये अब आपको बताते हैं कि वैपिंग है क्या?
क्या है वैपिंग?
वैपिंग का मतलब ई-सिगरेट से है। सिंगापुर में युवा और विदेशी नागरिक धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे आजिज आकर सरकार ने अब उक्त कदम उठाया है। यह घोषणा बृहस्पतिवार को की गई। इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए एक और कदम के तहत छात्रों में वैपिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए सिंगापुर के सभी स्कूलों में निकोटीन टेस्ट किट भी वितरित किए जाएंगे।
विदेशी नागरिकों को दोबारा नहीं मिलेगा देश में प्रवेश
विदेशी नागरिक अगर ई-वापोराइज़र के साथ पकड़े जाते हैं, तो उनके डिवाइस जब्त कर लिए जाएंगे। साथ ही उनपर जुर्माना लगाया जाएगा। शॉर्ट टर्म वीज़ा वाले नागरिक अगर दोबारा अपराध करते हैं तो उन्हें सिंगापुर में दोबारा प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने दी।
पहली बार अपराध करने वाले युवाओं का क्या होगा?
पहली बार अपराध करने वाले युवा वैप उपभोक्ताओं और लंबे समय के वीज़ा धारकों को कुछ हद तक राहत दी जाएगी। लेकिन यदि कोई विदेशी नागरिक दोबारा वैपिंग करता पकड़ा जाता है, तो उसे देश छोड़ना होगा। मंत्रालयों ने यह भी बताया कि पहली बार और दोबारा अपराध करने वालों के लिए जुर्माने की रकम तय कर दी गई है और प्रत्येक मामले के अनुसार पुनर्वास कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति पुनर्वास कार्यक्रम पूरा नहीं करता है, तो उस पर मुकदमा चलाया जाएगा।
तीसरी बार किया वैपिंग का अपराध तो जानें सजा
तीसरी या बार-बार अपराध करने की स्थिति में आरोपी पर तंबाकू (विज्ञापन और बिक्री पर नियंत्रण) अधिनियम (TCASA) के तहत अदालत में मुकदमा चलेगा और उस पर SGD 2,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नई नीति में पहले अपराध और दोबारा दुर्व्यवहार करने वालों के लिए भी जुर्माने और दंड की व्यवस्था की गई है। जो लोग पुनर्वास कार्यक्रम पूरा नहीं करते, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ उपभोक्ताओं ही नहीं, बल्कि एटोमिडेट के आपूर्तिकर्ताओं को भी 1 सितंबर से ज्यादा सख्त सजा दी जाएगी।
बिक्री करने वालों को होगी जेल
मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि एटोमिडेट का आयात, बिक्री या वितरण करने वालों को अनिवार्य जेल, भारी जुर्माना और कोड़े मारने जैसी सज़ाएं दी जाएंगी। नशीली दवाओं के तस्करों को कड़ी सजा देने की बात समझाते हुए मंत्री शन्मुगम ने कहा कि यह फर्क तस्करों और नशे करने वालों के बीच है, जो सिंगापुर की व्यापक नशा नीति को दर्शाता है। वे दूसरों की तकलीफ से मुनाफा कमाना चाहते हैं।
निकोटीन टेस्ट किट जारी
चैनल न्यूज एशिया की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर के स्कूलों में छात्रों में बढ़ती वैपिंग की घटनाओं को देखते हुए निकोटीन टेस्ट किट जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय (MOE) के आंकड़ों के अनुसार 2022 से 2024 के बीच हर साल औसतन 3,100 छात्र वैपिंग करते पकड़े गए। उच्च शिक्षा संस्थानों में इस अवधि के दौरान हर साल लगभग 800 छात्र वैपिंग में पकड़े गए। (PTI)
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