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Skyscraper Day 2025: 32 किलोमीटर ऊंची बिल्डिंग बनाएगा इंसान? ये हैं दुनिया की 5 सबसे ऊंची इमारतें

भविष्य के स्काईस्क्रैपर्स स्मार्ट, सस्टेनेबल और स्पेस-बेस्ड होंगे। आज की बात करें तो दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में बुर्ज खलीफा, मर्डेका 118 और शंघाई टॉवर शामिल हैं। भारत की सबसे ऊंची इमारत फिलहाल मुंबई की पैलेस रॉयल है।

Skyscraper Day 2025, tallest buildings in the world- India TV Hindi
Image Source : CLOUDSAO.COM एनालेमा टॉवर (प्रस्तावित)।

Skyscraper Day 2025: 3 सितंबर को हर साल 'ग्लोबल स्काईस्क्रेपर डे' मनाया जाता है। स्काईस्क्रैपर्स यानी कि गगनचुंबी इमारतें इंसानों की इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर की सीमाओं को दिखाती हैं। ऊंची-ऊंची इमारतों ने हमेशा से इंसानों को अपनी तरफ आकर्षित किया है। आज की दुनिया में स्काइस्क्रैपर्स में रहने का, वहां से बाहर का नजारा देखने का अपना एक रोमांच होता है। यही वजह है कि इंसान आज 500 या हजार मीटर नहीं बल्कि 32 किलोमीटर ऊंची इमारत बनाने का ख्वाब देख रहा है। आज हम आपको स्काईस्क्रैपर्स के भविष्य और दुनिया की 5 सबसे ऊंची इमारतों की खासियतों के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या है स्काईस्क्रैपर्स का भविष्य?

आज के दौर में स्काईस्क्रैपर्स सिर्फ ऊंची इमारतें नहीं हैं, बल्कि ये स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरों का हिस्सा हैं। भविष्य में ये इमारतें और भी हाई-टेक होंगी और इनमें ये चीजें हो सकती हैं:

  1. सस्टेनेबल डिजाइन: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, भविष्य के स्काईस्क्रैपर्स सौर ऊर्जा, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, और ग्रीन रूफ्स (हरियाली वाली छतें) से लैस होंगी। ये इमारतें कम बिजली खर्च करेंगी और कार्बन फुटप्रिंट को कम करेंगी।
  2. स्मार्ट टेक्नोलॉजी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) से स्काईस्क्रैपर्स में लाइटिंग, तापमान, और सिक्योरिटी अपने आप कंट्रोल होगी। इससे रहने वालों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
  3. अंतरिक्ष में स्काईस्क्रैपर्स: न्यूयॉर्क की एक आर्किटेक्चर फर्म ने Analemma Tower का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो अंतरिक्ष में एक क्षुद्रग्रह से लटका हुआ होगा। ये 32 किलोमीटर ऊंचा टॉवर पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाएगा। हालांकि ये अभी सिर्फ एक ख्वाब है, लेकिन भविष्य में इसे हकीकत में बदला जा सकता है।
  4. मिक्स्ड-यूज बिल्डिंग्स: भविष्य में स्काईस्क्रैपर्स में ऑफिस, घर, शॉपिंग मॉल, और होटल एक साथ होंगे, ताकि लोग एक ही जगह पर सब कुछ पा सकें।

दुनिया की 5 सबसे ऊंची इमारतें और उनकी खासियतें

Image Source : burjkhalifa.aeबुर्ज खलीफा।
1: बुर्ज खलीफा, दुबई (UAE)

ऊंचाई: 828 मीटर (2,717 फीट)  
मंजिलें: 163  
खासियत: 2010 में बनी ये इमारत अभी भी दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग है। बुर्ज खलीफा डिजाइन इस्लामिक आर्किटेक्चर से प्रेरित है, जो एक मीनार की तरह दिखता है। इसमें दुनिया की सबसे ऊंची मस्जिद, सबसे ऊंचा स्विमिंग पूल, और सबसे तेज लिफ्ट है। 30 एकड़ की झील और शॉपिंग मॉल इसे और खास बनाते हैं। इसकी लागत लगभग 97 अरब रुपये आई थी।

Image Source : merdeka118.comमर्डेका 118।
2: मर्डेका 118, कुआलालंपुर (मलेशिया)

ऊंचाई: 679 मीटर (2,227 फीट)  
मंजिलें: 118  
खासियत: 2023 में पूरी हुई ये इमारत दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची बिल्डिंग है। इसका डिजाइन हीरे से प्रेरित है, जो इसे अनोखा लुक देता है। ये मलेशिया की आर्थिक तरक्की का प्रतीक है। इस इमारत में ऑफिस, होटल, और रिहायशी जगहें हैं।

Image Source : APशंघाई टॉवर।
3: शंघाई टॉवर, शंघाई (चीन)

ऊंचाई: 632 मीटर (2,073 फीट)  
मंजिलें: 128
खासियत: 2015 में बनी ये इमारत अपनी ट्विस्टेड डिजाइन के लिए मशहूर है। ये चीन की सबसे ऊंची इमारत है, जिसमें ऑफिस, होटल, और ऑब्जर्वेशन डेक हैं। इसका सस्टेनेबल डिजाइन हवा का इस्तेमाल करके बिजली बचाता है।

Image Source : APरॉयल क्लॉक टॉवर।
4: अबराज अल बैत (रॉयल क्लॉक टॉवर), मक्का (सऊदी अरब)

ऊंचाई: 601 मीटर (1972 फीट)  
मंजिलें: 120
खासियत: 2012 में बनी इस इमारत का विशाल क्लॉक फेस दुनिया में सबसे बड़ा है, जो रात में चमकता है। ये 7 टॉवरों का हिस्सा है और जायरीनों के लिए होटल के रूप में काम करता है।

Image Source : group.pingan.comपिंग एन फाइनेंस सेंटर।
5: पिंग एन फाइनेंस सेंटर, शेनजेन (चीन)

ऊंचाई: 599 मीटर (1,965 फीट)  
मंजिलें: 115  
खासियत: 2017 में पूरी हुई ये इमारत अपनी स्लीक डिजाइन के लिए जानी जाती है। इसमें ऑफिस, कॉन्फ्रेंस सेंटर, और रिटेल स्पेस हैं। इसका स्ट्रक्चर भूकंप और तेज हवाओं को झेलने में सक्षम है।

Image Source : cloudsao.comएनालेमा टॉवर (प्रस्तावित)।

कैसी होगी 32 किलोमीटर ऊंची इमारत?

एनालेमा टॉवर एक काल्पनिक गगनचुंबी इमारत का कॉन्सेप्ट, जिसे न्यूयॉर्क की क्लाउड्स आर्किटेक्चर ऑफिस ने प्रस्तावित किया है। यह पारंपरिक नींव के बजाय एक अंतरिक्ष-आधारित प्रणाली, यूनिवर्सल ऑर्बिटल सपोर्ट सिस्टम (UOSS) पर आधारित होगी। इसके मुताबिक एक क्षुद्रग्रह से 50,000 किमी ऊपर एक टॉवर को लटकाया जाएगा। यह 32,000 मीटर ऊंचा टॉवर पृथ्वी के ऊपर '8' की आकृति में कक्षा में चक्कर लगाएगा और न्यूयॉर्क और दुबई जैसे शहरों के ऊपर से गुजरता है। हालांकि अभी इस टॉवर का निर्माण हकीकत से काफी दूर है लेकिन इससे पता चलता है कि इंसानी कल्पना किस हद तक जा सकती है।

Image Source : palaisroyaleworli.comपैलेस रॉयल टॉवर।

भारत की सबसे ऊंची इमारत कौन सी है?

भारत की सबसे ऊंची इमारत पैलेस रॉयल टॉवर है जो मुंबई में है। इसकी ऊंचाई 320 मीटर है। यह अपने विशाल एट्रियम और मजबूत कंक्रीट स्ट्रक्चर के लिए मशहूर है। हालांकि, भारत की इमारतें अभी टॉप 100 में भी नहीं हैं, लेकिन भविष्य में मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में और ऊंची इमारतें बनने की उम्मीद है।

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