ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सोमवार को कहा कि इंग्लैंड स्थित अमेरिकी सैन्य एयरबेस आरएएफ फेयरफोर्ड पर कथित हमले की साजिश के पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इशारे पर हुई थी। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश अधिकारियों के आकलन के मुताबिक, इस साजिश का समन्वय लगभग निश्चित रूप से ईरान में किया गया था और इसे आईआरजीसी ने निर्देशित किया था।
बर्नहम ने पहले भी कहा था कि पिछले महीने एयरबेस पर हमले की कथित योजना में ईरान की संलिप्तता के मजबूत संकेत मिले हैं। इस एयरबेस का इस्तेमाल अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने जारी युद्ध के दौरान ईरान पर हमले करने के लिए किया था।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं इस आकलन की पुष्टि कर सकता हूं कि इस साजिश का समन्वय ईरान में किए जाने की प्रबल संभावना है और इसे लगभग निश्चित रूप से ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने निर्देशित किया है।" उन्होंने चेतावनी दी कि ब्रिटेन अपनी धरती पर ऐसे खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
7 संदिग्ध गिरफ्तार, सभी जमानत पर रिहा
इस कथित साजिश की जांच के सिलसिले में पुलिस अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, सभी संदिग्धों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है और अब तक किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों की उम्र 20 से 29 वर्ष के बीच बताई गई है। इनमें छह ब्रिटिश नागरिक हैं, जबकि एक व्यक्ति के पास ब्रिटेन और ईरान, दोनों की नागरिकता है।
पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर को एयरबेस के आस-पास के इलाके में सुरक्षा अभियान चलाया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सशस्त्र पुलिसकर्मियों और सेना के बम निरोधक विशेषज्ञों ने ग्रामीण इलाके में तलाशी अभियान चलाया।
बाद में पुलिस ने बताया कि शुरुआती पांच संदिग्धों से जुड़े तीन वैन से पेट्रोल मिला था, जिसका इस्तेमाल आग लगाने वाले पदार्थ के रूप में किया जा सकता है। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।
ईरानी राजदूत को तलब किया
ब्रिटिश सरकार ने सोमवार को ईरानी राजदूत को तलब कर अपनी नाराजगी जताई। सरकार ने ईरान पर आपराधिक नेटवर्क, सहयोगी सशस्त्र समूहों और राज्य समर्थित दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के जरिए ब्रिटेन एवं उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की सुरक्षा को कमजोर करने की लगातार कोशिश करने का आरोप लगाया।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका ने पिछले सप्ताह आरएएफ फेयरफोर्ड से अपने बॉम्बर विमान को हटा लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा था कि उसे आशंका है कि एयरबेस को ईरान की ओर से निशाना बनाए जाने का खतरा है। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, कथित धमकी का उद्देश्य अधिक से अधिक अमेरिकी सैनिकों को मारना और अमेरिकी विमानों को नष्ट करना था। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
(इनपुट- AP)
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