दुबई: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को बताया कि यमन की राजधानी सना के दो इलाकों को हवाई हमलों में निशाना बनाया गया। उन्होंने आधी रात के आस-पास हुए इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब ने इस दावे पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नागरिक लापता हैं। मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि रविवार को जब MT पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन से हमला हुआ, तो उस पर सवार 11 भारतीय नाविकों में ये दोनों भी शामिल थे।
यमन की राजधानी पर हवाई हमले
दरअसल, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष बढ़ गया है। इस बीच, यमन के हूतियों ने सना के हमदान और थौरा जिलों में हवाई हमलों की जानकारी दी है। हूती विद्रोहियों के मीडिया सेंटर ने बताया कि ये हमले सोमवार आधी रात को हुए, लेकिन उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हूती लगातार सऊदी अरब के एयरपोर्ट की ओर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहे थे। वहीं सऊदी अरब की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
टैंकर से ड्रोन टकराने के बाद दो भारतीय नाविक लापता
दूसरी तरफ भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि होर्मुज स्ट्रेट इलाके में MT PETRO DOLPHIN नाम के टैंकर से ड्रोन के टकराने के बाद दो भारतीय नाविक लापता हो गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि रविवार को जब ड्रोन ने टक्कर मारी, तब इस कमर्शियल टैंकर पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। मंत्रालय ने कहा कि एक दूसरे जहाज, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर MT VALTHERA पर भी किसी अज्ञात चीज़ से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई, लेकिन टैंकर पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
मंत्रालय ने कहा कि मस्कट में भारतीय दूतावास, लापता क्रू सदस्यों का पता लगाने के लिए ओमान के अधिकारियों और जहाजों की मैनेजमेंट कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस इलाके में कमर्शियल जहाजों पर बार-बार हो रहे हमले "बहुत चिंताजनक हैं और पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।"
UAE ने की कार्रवाई करने की मांग
UAE के एक राजनयिक ने ईरान और उसके सहयोगी समूहों के हमलों से खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए "खाड़ी देशों की संयुक्त कार्रवाई" की मांग की। संयुक्त अरब अमीरात के शासकों के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि ईरान और उसके सहयोगियों ने गलत अनुमान लगाया था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की लड़ाई में खाड़ी के अरब देश "सबसे कमजोर कड़ी" हैं। तेहरान और उसके सहयोगियों ने फारस की खाड़ी के दूसरी तरफ स्थित अरब देशों पर बार-बार हमले किए हैं। गर्गश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "हम सभी निशाने पर हैं और हमारी सुरक्षा अविभाज्य है"। साथ ही उन्होंने कहा कि सऊदी अरब पर हमले "UAE और सभी खाड़ी देशों की सुरक्षा" को कमजोर करते हैं।
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