न्यूयॉर्क: फोर्ब्स की 30 साल से कम आयु के सफल व्यक्तियों की सालाना सूची में 45 भारतीय और भारतीय मूल के लोग शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बिल्कुल नई परिस्थितयां तैयार कीं।
फोर्ब्स की 30 अंडर 30 की सूची में 600 पुरुष-महिलाएं शामिल हैं जो अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण युवा उद्यमी, रचनात्मक नेतृत्व और चमकते सितारे हैं। ये उद्यमी उपभोक्ता प्रौद्योगिकी, शिक्षा, मीडिया, विनिर्माण एवं उद्योग, कानून एवं नीति, सामाजिक उद्यमी, विज्ञान और कला क्षेत्रों से जुड़े हैं।
फोर्ब्स ने कहा कि पहले पेशेवर सफलता के लिए युवावस्था बाधा मानी जाती थी। बुजुर्गी का अर्थ था ज्यादा संसाधन, ज्यादा ज्ञान, ज्यादा पैसा। अब ऐसा नहीं है। जो प्रौद्योगिकी के दौर में बड़े हुए हैं उनकी महत्वाकांक्षाएं बड़ी हैं। ये गतिशील, उद्यमशील और बेताब डिजिटल दुनिया के लिए बिल्कुल उपयुक्त है जिसमें वे बड़े हुए हैं। यदि 30 से कम साल में आप दुनिया बदलना चाहते हैं तो अब लाभ की स्थिति में हैं।
उपभोक्ता प्रौद्योगिकी खंड में 22 साल के रितेश अग्रवाल हैं जो ओयोग रूम्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी हैं। फोर्ब्स ने कहा, ‘ऐसे देश में जहां कम किराए वाली होटल श्रृंखला की उपलब्धता कम है ओयो ने पूरे भारत के 100 शहरों में 2,200 छोटे होटलों का नेटवर्क तैयार किया है।’
अगली स्लाइड में देखिए फोर्ब्स की लिस्ट में किन भारतीयों को मिली जगह-
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