नई दिल्ली: हम अक़्सर पुनर्जन्म के क़िस्से सुनते-पढ़ते रहते हैं और हमेशा ही इन्हें कोरी कल्पना कहकर ख़ारिज कर देते हैं लेकिन हम यहां आपको कुछ ऐसे क़िस्से बताने जा रहे हैं जिन्हें पढ़कर आप ये सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या वाक़ई कोई दोबारा जन्म ले सकता है? प्रेरक वक्ता डॉ. वैन डायर और उनके सहायक डी गार्नेस ने एक किताब लिखी है मेमोरीज़ ऑफ़ हैवन जिसमें इस तरह के कई क़िस्सों का ज़िक्र है।
कहानी नंबर 1 : शैली पिछले जन्म में जोसफ थी
शैली सिर्फ तीन साल की थी जब एक दिन अचानक उसने कहा कि उसका असली नाम जोसफ़ है। बेटी की बात सुनकर उसके मां-बाप ने इसे हंसी में उड़ा दिया। लेकिन सेली ने फिर कहा कि वह लड़का थी और वो (एना और रिचर्ड) उसके माता-पिता नहीं हैं और ये घर उसका घर नही है।
शैली ने बताया कि वह समंदर के किनारे एक छोटे से घर में रहती थी और उसके बहुत सारे भाई-बहन थे।
सेली की मां एनी ने कहा कि पहले तो उन्हें लगा कि वह मज़ाक कर रही है लेकिन धीरे-धीरे मामला गंभीर होता गया। सेली हमेशा जहाज़ देखने की ज़िद करती थी जबकि हम कभी भी उसे समंदर किनारे नहीं ले गये थे।
आपको बता दें कि शैली का जन्म भी किसी चमत्कार से कम नहीं था। बहुत कोशिश के बाद सेली इस दुनियां में आई थी। पिता को जहां शैली की बात बक़वास लगती थी वहीं एना को भरोसा होने लगा था कि शैली की बात में कोई न कोई सच्चाई है।
बहरहाल एना को सुझाव दिया गया कि वह परेशान न हो और इंतज़ार करें। छह महीने के बाद सेली ने जोसफ के बारे में बात करनी बंद कर दी और सब कुछ भूल गई।
प्रेरक वक्ता डॉ. वैन डायर और उनके सहायक डी गार्नेस ने एक किताब लिखी है मेमोरीज़ ऑफ़ हैवन जिसमें इस तरह के कई क़िस्सों का ज़िक्र है।
ऐसा ही एक क़िस्सा है चेस्टर की ज़िबी गेस्ट का। उन्होंने बताया कि उनका बेटा रोनी 16 माह का था जब वह ‘दूसरे घर’ की बात करने लगा था जहां वह मम्मी और डैडी के साथ रहता था।
Latest World News