ब्रासीलिया: ब्राजील के शहर रियो द जिनेरो में मूर्तियों की आंखों पर लाल पट्टी बांधने का मामला सामने आया है। ब्राजील में यह सब बढ़ते राजनीतिक संकट के खिलाफ कलात्मक विरोध को दर्शाने के लिए किया गया था। विरोध करने के ऐसे अनोखे अंदाज़ के बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना हो। एक अज्ञात कलाकार ने कहा है कि वह नहीं चाहते थे कि ब्राजील के इतिहास में महत्व रखने वाली हस्तियां देश की शर्मनाक हालात की गवाह बनें।
महात्मा गांधी की मूर्ति की आंखों पर भी बांधी गई पट्टी
भारत की आज़ादी की लड़ाई के महानायक औऱ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति भी ब्राज़ील में रियो द जिनेरो की उन मूर्तियों में शामिल है, जिनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई। ब्राजील में बजट और अर्थव्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर राष्ट्रपति डिल्मा रॉसेफ के इस्तीफे की मांग ने जोर पकड़ लिया है। गौरतलब है कि ब्राजील की अर्थव्यवस्था पिछले कई दशकों से सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। ब्राज़ील की सरकार देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कोई फायदा नज़र नहीं आ रहा।
ब्राज़ील के कलाकार सरकार का कर रहे हैं कलात्मक विरोध
इन सभी मूर्तियों में से एक मूर्ती ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति गुतेलिया वर्गास की भी है। गुतेलिया वर्गास 1930 से लेकर 1945 तक ब्राजील की सत्ता में थे। 'प्रोजेक्ट ओरेक्यूलो' के तहत काम करने वाले कलाकार कहना है कि वह सरकार को बताना चाहते है कि विरोध प्रदर्शन सिर्फ़ सड़कों पर नहीं किया जाता, इस प्रकार भी विरोध प्रदर्शन किया जाता है।
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