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शुक्र ग्रह से होकर गुजरेगा पहला विमान

वाशिंगटन: वर्जीनिया स्थित एक विमानन कंपनी की योजना एक ऐसा विमान बनाने की है, जो 2021 में शुक्र ग्रह के वायुमंडल से होकर गुजरेगा। स्पेस डाट कॉम के मुताबिक, नार्थराप गुरुम्मन कारपोरेशन नामक कंपनी अमेरिकी

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शुक्र ग्रह से होकर गुजरेगा पहला विमान

वाशिंगटन: वर्जीनिया स्थित एक विमानन कंपनी की योजना एक ऐसा विमान बनाने की है, जो 2021 में शुक्र ग्रह के वायुमंडल से होकर गुजरेगा। स्पेस डाट कॉम के मुताबिक, नार्थराप गुरुम्मन कारपोरेशन नामक कंपनी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के न्यू फ्रंटियर प्लैनेटरी साइंस कंपटीशन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है। कंपनी हवा और मोटर से चलने वाला एक ऐसा विमान बना रही है जो शुक्र के आसमान की सैर करेगा।

इस विमान के पंख बोइंग 737 के पंखों के मुकाबले दोगुने बड़े होंगे। यह वीनस मिशन परियोजना के तहत आने वाले वीनस एटमॉस्फरिक मैनोवेरबल प्लेटफार्म (वैम्प) का हिस्सा है।

यह विमान शुक्र ग्रह के एसिड रहित वायुमंडल का नमूना भी लेगा।

फर्म की योजना अपने इस विमान के लिए नासा से एक अरब डालर की आर्थिक मदद लेने की है।

वैम्प के पंख 46 मीटर लंबे होंगे-बोइंग 737 के लगभग दोगुने। स्पीड एक घंटे में 220 किलोमीटर होगी। विमान में 200 किलो के उपकरण होंगे। इनमें कैमरे और वायुमंडल से लिए गए सैंपल शामिल होंगे।

विमान को शुक्र तक एक अंतरिक्ष यान लेकर जाएगा। शुक्र, पृथ्वी का सबसे गर्म सिस्टर प्लैनेट है और इसका तापमान 460 डिग्री सेल्सियस होता है।

कोलोराडो के बोल्डर स्थित साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के कोंस्टेंटाइन त्सांग कहते हैं कि शुक्र की सतह पर चार घंटे से ज्यादा गुजारना और डाटा एकत्र करना एक चुनौती है।

रूस ने 1960, 70 और 80 के दशकों में वेनेरा स्पेसक्राफ्ट के नाम से कई यान शुक्र ग्रह भेजे लेकिन कोई भी उसकी सतह पर चंद घंटे से ज्यादा नहीं बच सका।

अगला न्यू फ्रंटियर कंप्टीशन 2016 वित्तीय वर्ष में पहली अक्टूबर से शुरू होगा।

नासा के प्लेनेटरी साइंस के निदेशक जिम ग्रीन ने बताया कि कंप्टीशन में जीतने वाले मिशन को 2021 में लांच के लिए तैयार रहना होगा।

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