अमेरिका के ऑरलैंडो के गे नाइटक्लब में रविवार को हुई गोलीबारी में 50 लोगों की मौत हो गई और 53 घायल हुए हैं जिसकी सारी दुनिया में निंदा की जा रही है वही ऑरलैंडो की एक मस्जिद में एक ''इस्लामिक विद्वान'' ने कहा है कि गे की सज़ा मौत ही है और इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नही है।
आपको बता दें कि इस नरसंहार का हमलावर उमर मतीन था जिसे गे से सख़्त नफ़रत थी। हमले के बाद पुलिस कार्वाई में वह मारा गया।
WFTV 9 चैनल के अनुसार ईरानी इस्लामिक विद्वान शेख़ फ़ारुख के इस बयान के बाद फ़्लोरिडा में उनकी खूब आलोचना हो रही है क्योंकि उन्हें यहां इस्लामिक सेंटर में एक समारोह में बुलाया गया है। फ़ारुख मूलत: ईरान के हैं और 2013 से समलैंगिकता का विरोध करते हैं। उन्होंने ये तक कहा कि मौत ही समसलैंगियों की माफी है।
शेख़ फ़ारुख़ ने कहा, ''मौत ही सज़ा है, हम जानते हैं। इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है। इसकी सज़ा मौत ही है।''
शेख़ फ़ारुख़ ने आगे ये भी कहा, ''हमें लोगों पर रहम करना चाहिये, समलैंगिक लोगों पर करनी चाहिए। इस रहमदिली के तहत ही उनसे (गे) से निज़ात पानी चाहिए।''
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